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दिव्यांग बच्चों के लिए हर माह लगेगी विशेष ओपीडी

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दिव्यांग बच्चों के लिए हर माह लगेगी विशेष ओपीडी


पौड़ी गढ़वाल, 17 अक्टूबर (हि.स.)।दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक पहचान, उचित उपचार और पुनर्वास सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज में दिव्यांगता जागरूकता एवं अभिभावक मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

उत्तरा केयर हॉस्पिटल, ईशा फाउंडेशन और नई दिल्ली के शौर्य रिहैबिलिटेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को समझने, उनकी समस्याओं की समय रहते पहचान करने और अभिभावकों को उचित मार्गदर्शन देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के तहत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में मान्यता प्राप्त 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सीखने में कठिनाई, शारीरिक दिव्यांगता, वाणी एवं भाषा संबंधी समस्याओं, एडीएचडी, व्यवहार संबंधी चुनौतियों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों में विकास संबंधी संकेतों को समय पर पहचानना और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों से परामर्श लेना उनके बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान पूजा डंडरियाल जी ने घोषणा की कि 14 नवंबर 2026 से हर माह के दूसरे शनिवार को उत्तरा केयर हॉस्पिटल में दिव्यांग बच्चों एवं विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए विशेष ओपीडी संचालित की जाएगी। जिसके माध्यम से बच्चों की प्रारंभिक पहचान एवं स्क्रीनिंग, विकासात्मक समस्याओं का आकलन, वाणी, भाषा संबंधी समस्याओं पर परामर्श, ऑटिज्म एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं के लिए मार्गदर्शन, अभिभावक परामर्श व पुनर्वास संबंधी सलाह उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

आवश्यकता के अनुसार बच्चों को संबंधित विशेषज्ञों एवं उपयुक्त सेवाओं के लिए रेफरल संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इस मौके पर उत्तरा केयर हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. जॉर्ज निओल फर्नांडिस, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबडिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी अरविंद कुमार, शौर्य, मनोज गोविल, कमल कांत काला, अमन कुमार, काजल रावत आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह