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कैंचीधाम मेले से पहले बड़ी राहत, शिप्रा नदी पर बैली ब्रिज तैयार

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कैंचीधाम मेले से पहले बड़ी राहत, शिप्रा नदी पर बैली ब्रिज तैयार


नैनीताल, 11 जून (हि.स.)। नैनीताल जनपद के प्रसिद्ध कैंचीधाम क्षेत्र में वर्षों से पर्यटन सत्र एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान लगने वाले यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद बन गयी है।

रातीघाट के पास शिप्रा नदी पर बाइपास के साथ निर्मित बैली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और इसके साथ बाइपास मार्ग के यातायात के लिए खोलने की तैयारी पूरी की जा रही है। दूसरी ओर 15 जून को बाबा नीब करौरी महाराज के स्थापना दिवस मेले के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक यातायात एवं सुरक्षा योजना लागू की है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

अधिकारियों के अनुसार कैंचीधाम और अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से भवाली सैनिटोरियम-पाडली बाइपास मोटर मार्ग का निर्माण किया गया है। लगभग 18 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि सुरक्षात्मक कार्य, नालियों और कलमठों का निर्माण जारी है। लोक निर्माण विभाग ने 49.41 लाख रुपये की लागत से रातीघाट के समीप शिप्रा नदी पर 45 मीटर लंबे बैली ब्रिज का निर्माण पूर्ण कर लिया है।

इसके निकट लगभग नौ करोड़ रुपये की लागत से 74.15 मीटर लंबे स्थायी सेतु का निर्माण भी प्रगति पर है, जिसके अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह परियोजना कैंचीधाम क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय आवागमन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कैंचीधाम मेले के लिए यातायात योजना जारी

कैंचीधाम मेले के लिए गुरुवार को यातायात योजना जारी कर दी गयी है। इसके अनुसार 13 से 16 जून तक इस मार्ग पर विभिन्न चरणों में भारी माल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर शटल सेवा के माध्यम से मंदिर तक पहुंचना होगा।

हल्द्वानी, काठगोदाम, भीमताल, भवाली, खैरना, तल्लीताल और गौलापार सहित 10 स्थानों से शटल सेवा संचालित की जाएगी। रामनगर, कालाढूंगी, लालकुआं, नैनीताल, ज्योलीकोट, धारी, मुक्तेश्वर, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पृथक पार्किंग व्यवस्था की गयी है। 14 जून से 16 जून तक टैक्सी, निजी दुपहिया वाहनों तथा अन्य सीमित श्रेणी के वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिस कर्मियों, यातायात पुलिस, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, सहायता केंद्रों, अग्निशमन इकाइयों तथा चिकित्सकीय आपातकालीन सेवाओं की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

पुलिस ने श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंग और शटल सेवा का उपयोग करने तथा जारी यातायात परामर्श का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का लक्ष्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी