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पवित्र कदली दलों के रूप में मां नयना की नगरी में आईं मां नंदा-सुनंदा

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पवित्र कदली दलों के रूप में मां नयना की नगरी में आईं मां नंदा-सुनंदा


नैनीताल, 17 सितंबर (हि.स.)। एक वर्ष के लंबे अंतराल और एक-एक दिन गिनने के बाद आखिर वह दिव्य पल आ ही गए जब राज्य की कुलदेवी शक्ति स्वरूपा मां नंदा और सुनंदा पवित्र कदली (केला) वृक्षों के रूप में अपने मायके की तरह मां नयना की नगरी सरोवरनगरी नैनीताल लौट आईं। अब वह अगले सात दिनों तक यहां रहेंगी।

उनके आगमन पर आज हर धर्म, संप्रदाय के नगरवासियों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिशाल पेश करते हुऐ उनका भव्य स्वागत किया। उनके कदली स्वरूप में किऐ गऐ नगर भ्रमण में हजारों लोगों की भीड़ पारंपरिक परिधानों में उमड़ी, और इससे अधिक लोगों ने सड़क किनारे और घरों की बुर्जों से भी उनके दर्शन किए।

गुरुवार को पहली बार हल्द्वानी की चंद्रावती कॉलोनी से पवित्र कदली दलों यानी वृक्षों के रूप में मां नंदा-सुनंदा को नगर में लाया गया। सबसे पहले सूखाताल में कदली दलों का स्वागत परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना के साथ पहली बार महिलाओं के झोड़ा लोक नृत्य के साथ किया गया। इसके बाद कदली दलों को तल्लीताल स्थित मां वैश्णो देवी मंदिर में लाया गया।

यहां भी कदली वृक्षों की पिछले करीब एक-डेढ़ दशक से चली आ रही परंपरा के तहत परंपरागत पूजा अर्चना की गई। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं और कदली वृक्ष लाने वाले दल के सदस्यों को प्रसाद वितरण किया गया। इसके पश्चात शक्ति स्वरूपा मां नंदा-सुनंदा कदली दलों के रूप में नगर भ्रमण पर शोभायात्रा के साथ निकलीं।

तल्लीताल धर्मशाला और बाजार से होते हुऐ पारंपरिक रंग्वाली लहंगे व पिछौड़े में सजी महिलाएं, कन्याएं एवं नगर के बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मां के रूप में आत्मसात होकर कलश यात्रा निकालते हुए चल रहे थे। श्रद्धालु ‘जै मां नंदा सुनंदा तेरी जै जैकारा’ के गगनभेदी नारे लगा रहे थे। बैंड एवं कुमाऊं के पारंपरिक छोलिया नर्तक भी शोभायात्रा में सांस्कृतिक रंग एवं जोश भर रहे थे। नगर के कमोबेश सभी स्कूलों के बच्चों एवं महिलाओं की भक्ति मंडली भजन कीर्तन एवं लोक संस्कृति की झलक पेश करते हुऐ चल रहे थे।

मां नगर भ्रमण करते हुऐ माल रोड से नैनी सरोवर का चक्कर लगाते हुए मल्लीताल बाजार पहुचीं, जहां आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा में कुछ देर विश्राम एवं पूजा अर्चना के पश्चात कदली वृक्षों को मां के आकर्शक मूर्ति रूप में परिवर्तित करने के लिए नयना देवी मंदिर के समीप सेवा समिति भवन में रख दिया गया।

शोभायात्रा में श्रीराम सेवक सभा के उपाध्यक्ष अशोक साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी, गिरीश जोशी, मुकुल जोशी, भीम सिंह कार्की, कमलेश ढोंढियाल, विमल चौधरी, देवेद्र लाल साह, हिमांशु जोशी सहित सभी सदस्य एवं नगर के गणमान्य लोग शामिल रहे। उधर डीएसए मैदान में मेला सजने लगा है। मेले में झूले, ब्रेक डांस जैसे कई आकर्षण भी लग रहे हैं।

कुमाऊं की समूची लोक संस्कृति के हुए दर्शन

नैनीताल में अभूतपूर्व स्वागत के बीच चल रहे मां नंदा सुनंदा के नगर भ्रमण में समूचे कुमाऊं की लोक संस्कृति के दर्शन हुए। सबसे आगे शांति का प्रतीक धवल-श्वेत और सबसे पीछे विजय के लिए क्रांति का संदेश देते लाल ध्वज पारंपरिक रूप में चल रहे थे। इस दौरान नगर के महिलाएं एवं भारतीय शहीद सैनिक स्कूल, एशडेल, राबाइका व बालिका विद्या मंदिर की बालिकाएं पारंपरिक रंग्वाली पिछौड़े और लहंगे में कुमाउनीं लोक के दर्शन करा रही थीं, तो छात्रें का उत्साह भी कम नहीं था। इस दौरान कुमाऊं के पारंपरिक लोक नृत्य छोलिया, झोड़ा लोक नृत्य व नंदा राज जात आदि के दर्शन भी हुए।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी