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पशुपालन से आजीविका : पाैड़ी में डेढ़ हजार से अधिक लाेगाें काे मिला लाभ

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पौड़ी गढ़वाल, 09 सितंबर (हि.स.)। पहाड़ में पशुपालन अब ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का मजबूत जरिया बन रहा है। पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों में जिले के 1,726 ग्रामीणों को लाभ मिला है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक लाभार्थियों को 8 करोड़ 64 लाख 90 हजार 5 साै 6 रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि विभाग का फोकस ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और पात्र परिवारों को पशुपालन आधारित स्वरोजगार से जोड़ने पर है। लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के साथ पशुपालन इकाइयों के संचालन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और विभागीय सहयोग भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांच वर्षों में गौपालन योजना के तहत 361 लाभार्थियों को 1.30 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग बकरी पालन योजना में 162 लाभार्थियों को 1.02 करोड़ रुपये तथा एससीपी बकरी पालन योजना के तहत 241 लाभार्थियों को 1.52 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

इसी तरह महिला बकरी पालन योजना में 82 लाभार्थियों को 28.70 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत 305 लाभार्थियों को 1.92 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई। विभाग की ओर से गोट वैली और ब्रायलर फार्म समेत अन्य योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के जरिए ग्रामीणों को दूध, मांस और अंडा उत्पादन से जोड़कर आय के साधन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं और पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह