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डीएसबी परिसर नैनीताल में कविता पर व्याख्यान, सामाजिक जागृति में साहित्य की भूमिका पर जोर

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डीएसबी परिसर नैनीताल में कविता पर व्याख्यान, सामाजिक जागृति में साहित्य की भूमिका पर जोर


नैनीताल, 24 अप्रैल (हि.स.)। नैनीताल स्थित कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर के समाजशास्त्र विभाग एवं अतिथि व्याख्याता निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में “कविता सामाजिक जागृति का माध्यम” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता अमिताभ सिंह बघेल ने कविता की सामाजिक भूमिका पर विस्तार से विचार रखे।

उन्होंने कबीर से लेकर फैज अहमद फैज, साहिर लुधियानवी, कैफी आजमी, हबीब जालिब, अदम गोंडवी और मखदूम मोहिउद्दीन की रचनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कविता समाज की विसंगतियों, असमानताओं और अन्याय के विरुद्ध सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम रही है।

कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति जोशी के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को समाजशास्त्र के साथ साहित्य अध्ययन के महत्व पर बल दिया। संचालन प्रो. प्रियंका नीरज रुवाली ने किया। प्रो. नीरजा टंडन ने साहित्य को मानवीय चेतना का आधार बताते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया, जबकि प्रभारी परिसर निदेशक प्रो. चंद्रकला रावत ने मानवता के जागरण में साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डाला।

विजिटिंग प्रोफेसर निदेशालय के निदेशक प्रो. ललित तिवारी ने साहित्य को मानसिक शांति का स्रोत बताया। कार्यक्रम में प्रो. हरीश बिष्ट, प्रो. नीलू लोधियाल, प्रो. सुषमा टम्टा, प्रो. आशीष तिवारी, प्रो. शशि पांडे, प्रो. रितेश साह, प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल, प्रो. हरिप्रिया पाठक, प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. संजय टम्टा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. भूमिका प्रसाद, डॉ. रुचि मित्तल, प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट, प्रो. अर्चना श्रीवास्तव, डॉ. सरोज पालीवाल, डॉ. अर्शी परवीन तथा डॉ. हरीश चंद्र मिश्रा सहित अनेक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अमिताभ सिंह बघेल को सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी