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व्यक्तित्व विकास व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर दो विशेष व्याख्यान आयोजित

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देहरादून, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र व सिविल सेवा निःशुल्क कोचिंग योजना के संयुक्त तत्वावधान में दो विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखते हुए संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं समय प्रबंधन विषयों पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भाषा एवं संचार कौशल के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और समय के प्रभावी उपयोग के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक प्रो. एम.एम. सेमवाल ने अतिथियों का स्वागत किया एवं उनको सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी व्यक्तित्वों के साथ संवाद उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता करता है।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अंग्रेजी, आधुनिक यूरोपीय एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. आरुषी उनियाल ने “संचार कौशल एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया।

उन्होंने प्रभावी संचार के महत्व को समझाते हुए संचार के सात प्रमुख सिद्धांतों—स्पष्टता, संक्षिप्तता, ठोसता, शुद्धता, सुसंगतता, पूर्णता एवं विनम्रता के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रभावी संचार केवल बोलने की क्षमता नहीं है, बल्कि स्पष्ट विचार, उचित भाषा, ध्यानपूर्वक सुनने, आत्मविश्वास और सामने वाले के दृष्टिकोण को समझने की क्षमता का समन्वय है।

डॉ. आरुषी ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में समूह चर्चा, ध्वनि कार्यक्रम, शब्दावली विकास एवं भाषा कौशल की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने मौखिक एवं गैर-मौखिक संचार, शारीरिक हाव-भाव, सुनने की कला, प्रस्तुतीकरण कौशल और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में दृष्टिबाधित संस्थान चंडीगढ़ के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जे. एस. जयाडा ने “जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण का महत्व एवं समय प्रबंधन” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष बहुगुणा द्वारा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल