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राष्ट्रीय खनिज अनुसंधान समिति में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. संतोष कुमार शामिल

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राष्ट्रीय खनिज अनुसंधान समिति में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. संतोष कुमार शामिल


नैनीताल, 28 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार द्वारा महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन देने के लिए गठित उच्चस्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ समिति में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रो. संतोष कुमार को सदस्य नामित किया गया है।

यह समिति राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन तथा खान मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘माहा-सीआरएम यानी माहा-क्रिटिकल रॉ मटेरियल्स रिसर्च प्रोग्राम’ के अंतर्गत गठित की गई है। बताया गया है कि यह समिति देशभर में स्थापित उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा प्रस्तुत अनुसंधान प्रस्तावों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी मूल्यांकन करेगी तथा खनिज क्षेत्र में अनुसंधान की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बताया गया है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत लिथियम, कोबाल्ट, निकेल तथा दुर्लभ मृदा तत्वों जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अनुसंधान, खनन, प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप इस पहल के लिए तीन वर्षों हेतु 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऊर्जा, विद्युत वाहन, सौर प्रौद्योगिकी, अर्धचालक उद्योग एवं बैटरी भंडारण जैसे क्षेत्रों में इन खनिजों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह पहल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रो. कुमार का चयन देश के चुनिंदा विशेषज्ञों में किया जाना उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों एवं शोध योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति माना जा रहा है। कुलपति प्रो. दीवान एस रावत ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे संस्थान को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान कार्यक्रमों से जुड़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी