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एचएमटी रानीबाग से प्राग फार्म तक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारीः हृदयेश

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एचएमटी रानीबाग से प्राग फार्म तक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारीः हृदयेश


हल्द्वानी , 05 नवंबर (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को एचएमटी फैक्ट्री, रानीबाग के गेट नंबर-2 पर हल्द्वानी महानगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी जमीनों एवं ऐतिहासिक धरोहरों को निजी हाथों में सौंपने की कथित नीति के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसजनों ने प्रदेश की सरकारी संपत्तियों एवं भूमि को बचाने का संकल्प लिया और हमारी भूमि, हमारा अधिकार, कांग्रेस की यही है पुकार का नारा बुलंद किया।

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊँ का प्रवेश द्वार है और दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुमाऊँ की सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की शुरुआत भी यहीं से हो रही है। एचएमटी रानीबाग का घड़ी कारखाना कभी हजारों परिवारों की आजीविका का आधार था।

कांग्रेस सरकार की मंशा थी कि इस जमीन पर नए उद्योग स्थापित हों, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। लेकिन वर्तमान सरकार रोजगार देने वाले उद्योगों के बजाय यहां होटल स्थापित करने की तैयारी कर रही है। नैनीताल रोपवे के लिए पांच एकड़ जमीन छोड़कर शेष 53 एकड़ भूमि यूआईआईडीबी के माध्यम से निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर उद्योग लगने चाहिए थे, वहां होटल बनाने की योजना हल्द्वानी और आसपास के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

श्री हृदयेश ने कहा कि सरकार केवल एचएमटी की जमीन तक सीमित नहीं है। रानीबाग, ज्योलीकोट, रातीघाट और रामगढ़ के ऐतिहासिक निरीक्षण भवनों को भी निजी हाथों में देने की तैयारी की जा रही है।

पटवाडांगर की जमीन और नैनीताल के सीवर प्लांट से जुड़े निर्णय भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि ये संपत्तियां केवल सरकारी जमीन नहीं, बल्कि कुमाऊँ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत हैं। कांग्रेस इन्हें किसी भी कीमत पर निजी व्यावसायिक हितों के हवाले नहीं होने देगी।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन और प्राकृतिक संसाधन प्रदेश की जनता की अमूल्य धरोहर हैं। भाजपा सरकार सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपकर प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकार को बताना चाहिए कि जब प्रदेश के बेरोजगार युवा रोजगार मांग रहे हैं, भूमिहीन परिवार आवास के लिए संघर्ष कर रहे हैं और विकास कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है, तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी जमीनें निजी संस्थानों को किस उद्देश्य से दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की जमीन और प्रदेश की अस्मिता की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऋषिकेश के आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि, डाकपत्थर की लगभग 190 एकड़ जमीन, मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट की 142 एकड़ भूमि और किच्छा के प्राग फार्म की लगभग 1,938 एकड़ सरकारी जमीन सहित प्रदेश की अनेक महत्वपूर्ण संपत्तियों को लेकर सरकार की नीतियां गंभीर चिंता का विषय हैं। सरकार को इन संपत्तियों का इस्तेमाल निजी लाभ के बजाय जनहित, रोजगार सृजन और प्रदेश के विकास के लिए करना चाहिए।

जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार सरकारी संपत्तियों को जनहित में इस्तेमाल करने के बजाय निजी व्यावसायिक घरानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। एचएमटी रानीबाग की जमीन हो या किच्छा का प्राग फार्म, सरकार की नीतियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार, किसानों के हित और भूमिहीन परिवारों की जरूरतों को कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की संपत्तियों पर पहला अधिकार जनता का है। कांग्रेस इस मुद्दे को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएगी तथा सरकार की इस नीति का पुरजोर विरोध करेगी।

कांग्रेस ने मांग की कि एचएमटी रानीबाग की जमीन पर होटल के बजाय रोजगार देने वाले उद्योग स्थापित किए जाएं, कुमाऊँ के ऐतिहासिक निरीक्षण भवनों को निजीकरण की प्रक्रिया से बाहर रखा जाए तथा प्राग फार्म की जमीन पर किसानों, भूमिहीनों और स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

धरना कार्यक्रम का संचालन एचएमटी के पूर्व यूनियन नेता श्री गिरीश पांडे ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने की।

धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से हेमंत बगड़वाल, हरीश पनेरू, भोला दत्त भट्ट, गुरप्रीत प्रिंस, डॉ. मयंक भट्ट, मलय बिष्ट, नरेश अग्रवाल, मोहन बिष्ट, जाकिर हुसैन, जीवन कार्की, सालीम सिद्दीकी, हेमंत साहू, शोभा बिष्ट, मधु सांगुड़ी, गीता बहुगुणा, साइमा सिद्दीकी, भगवती जोशी, रेणु तोमर, भगवती बिष्ट, नीमा भट्ट, पुष्पा नेगी, कम्मो रानी, कनक, शबनम, महेशानंद, बहादुर बिष्ट, प्रकाश पांडे, वीरेंद्र चौहान, हेम जोशी, जगमोहन बगड़वाल, वरुण भाकुनी, किरण माहरा, हेम दुर्गापाल, दीप पाठक, अवध बिहारी शर्मा, गिरीश पांडे, महेंद्र कुमार, सुमित कुमार, ज्ञान सिंह थापा, राजू रावत, संजय रावत, जगमोहन चिलवाल, हर्ष मनकोटी, सूरज बिष्ट, बबलू बिष्ट, पार्षद हेमंत शर्मा, पार्षद एडवोकेट धर्मवीर, सन्नी सेठी, शंकर कोहली, कौशलेंद्र भट्ट, मनोज भट्ट, प्रदीप कुमार, कार्तिक बिष्ट, दिनेश सांगुड़ी, योगेश कबड़वाल, हरीश लाल वैद्य, साबिल अहमद, राजा राणा, मोहम्मद अरबाज, हबीबुर्रहमान कोहली, किशन अनेरिया, एडवोकेट कुंदन बिष्ट, संजू पाना, सुहैल सिद्दीकी, दिवेश तिवारी, सूरज कुमार, रईस भाई, अथर भाई एवं पार्षद मोहम्मद गुफरान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेसजनों ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखंड की जमीन, जल, जंगल और ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता