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जायका के एक्सपर्ट ने दिया टिहरी के किसानों को प्रशिक्षण

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जायका के एक्सपर्ट ने दिया टिहरी के किसानों को प्रशिक्षण


जायका के एक्सपर्ट ने दिया टिहरी के किसानों को प्रशिक्षण


नई टिहरी, 15 सितंबर (हि.स.)। जायका (जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी) के तहत चयनित टिहरी जिले के चार ब्लॉक के स्वयं सहायता समूह से जुड़े किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेती व बागवानी के क्षेत्र में प्रोत्साहित कर उन्हें प्रोफेशनल बनाने लिए जापना से आए विशेषज्ञों की देखरेख में विकास भवन नई टिहरी में दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया।

मंगलवार को विकास भवन में आयोजित प्रशिक्षण में जिला उद्यान अधिकारी पंकज पटवाल ने जायका के विशेषज्ञ चिहारे ओहाटा, तोषीयुकी नाकाजावा सहित भारतीय विशेषज्ञ राजेश ठाकुर और अंशुल ठाकुर का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि जायका प्रोजेक्ट के तहत टिहरी के थौलधार, नरेंद्रनगर, जौनपुर और चंबा ब्लॉक का चयन हुआ है। जिसमें जायका इन ब्लॉक किसानों को खेती, वानिकी, बागवानी, सगंध पुष्प सहित नकदी फसलों के उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग सहित मार्केटिंग में वित्तीय और तकनीकी सहयोग देगी।

जापानी एक्सपर्ट चिहारे ओहाटा, तोषीयुकी नाकाजावा ने प्रशिक्षण में उपस्थित 4 स्वयं सहायता समूह के किसानों को शेप (स्मॉल होल्डर हॉर्टिकल्चर एम्पावरमेंट एंड प्रमोशन) के तहत जरूरी प्रशिक्षण दिया। बताया कि शेप एक दृष्टिकोण जिसे बागवानी परियोजनाओं में छोटे किसानों को सशक्त बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बताया कि यह मॉडल उगाओ और बेचो (ग्रो एंड सेल) की पारंपरिक मानसिकता को बेचने के लिए उगाओ (ग्रो टू सेल) में बदलने का एक वैश्विक मॉडल है।

अब इसे जापान में सफल होने के बाद भारत सहित दुनिया भर के कई कृषि और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में लागू किया जा रहा है। भारती विशेषज्ञ राजेश और अंशुल ठाकुर ने बताया कि चयनित ब्लॉकों में सेब, कीवी, ड्रैगन फू्रट के अलावा बड़ी मात्रा में अदरक, अरबी, खीरा, पहाड़ी दालें, आडू, खुमानी, चुलू, पूलम की खेती होती है। ऐसे में यह प्रशिक्षण उनके सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन में मील का पत्थर साबित होगा। जायका प्रोजेक्ट के तहत यहां के किसानों को हर प्रकार का सहयोग मिलेगा।

इस मौके पर सचल दल प्रभारी दीपक नेगी, सुषमा, दीक्षा रावत, उमाकांत कांडपाल, हरेंद्र बिष्ट, अतर सिंह थलवाल, अंजना मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी