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यात्राकाल में धड़ल्ले से बिक रहा मीट

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गुप्तकाशी, 01 मई (हि.स.)। केदारनाथ यात्रा काल के दौरान गुप्तकाशी से सीतापुर के बीच कई स्थानों पर अवैध रूप से मांस विक्रेताओं द्वारा छुप छुप कर मांस बेचने की खबरें आ रही हैं। जबकि यात्राकाल में मुख्य बाजारों में मांस बेचना अपराध की श्रेणी में आता है।

यात्रा काल से पूर्व सीतापुर में आयोजित व्यवसायियों की बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिया था, कि जो भी यात्राकाल के दौरान सड़क से लगे कस्बों पर मांस बेचेगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। डीएम के निर्देशों के बाद भी कई मांस व्यवसाई छुप छुप कर मांस बेच रहे हैं। गुप्तकाशी मुख्य बाजार में एक बाहरी मांस विक्रेता द्वारा धड़ल्ले से मांस बेचने की बात सामने आ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उसके विक्रेता के पास लाइसेंस तक नहीं है। ऐसे में जिलाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। दरअसल आस्था और आध्यात्मिक केंद्र केदारनाथ यात्रा का मुख्य बाजार गुप्तकाशी में विश्वनाथ का मंदिर है, जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों आस्थावान दर्शन कर रहे हैं, लेकिन जब उन्हें खुलेआम मुर्गे के वाहन या मांस विक्रेता दिखते हैं, तो उनकी आस्था पर कुठाराघात हो रहा है। पहले से तय नियमों के अनुसार यात्राकाल के दौरान मुख्य बाजारों में मीट बेचना अपराध माना जाता है।

सीजन के दौरान मुख्य कस्बों से लगभग दो सौ मीटर दूर मांस विक्रेता अपने प्रतिष्ठान स्थानांतरित कर देते थे, लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। इस बाबत एसडीएम अनिल सिंह रावत ने बताया कि जो भी गुप्तकाशी में मांस विक्रेता नियम विरुद्ध मांस बेचता हुआ पकड़ा जायेगा उसके विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / बिपिन