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'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान में 44 हजार से अधिक लोग पहुंचे

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'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान में 44 हजार से अधिक लोग पहुंचे


-अभियान के माध्यम से 568 शिकायतों का मौके पर निस्तारण

देहरादून, 23 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्यभर में 'सेवा, सुशासन और समर्पण' थीम के तहत संचालित 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के माध्यम से जनसमस्याओं के निस्तारण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने में भी प्रभावी साबित हो रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में राज्य भर में चल रहे जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा कार्यक्रम के तहत सुशासन को जनता के बीच पहुंचना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश किसी क्षेत्र में जन-जन की सरकार जन-जन का द्वार कार्यक्रम रद्द हुआ है तो मानसून के बाद उन क्षेत्रों में जन शिविर दोबारा लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि मानसून के बाद जिले के दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्रों में जन जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम जारी रहेंगे।

देहरादून जनपद में बीते 4 से 23 जुलाई तक आयोजित जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा कार्यक्रम के तहत जिले की समस्त विकासखंडो मे सफल आयोजन रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वयं देहरादून में आयोजित दो शिविरों में प्रतिभाग कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। मुख्यमंत्री की सीधे जनता से संवाद की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ बल्कि शिविरों में शिकायतों के निस्तारण पर भरोसा भी कायम रहा।

मुख्यमंत्री के 5 वर्ष के सफल कार्यकाल के अवसर पर आयोजित इन शिविरों के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

शिविरों में किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।

जनपद देहरादून में आयोजित इन शिविरों में 44,735 लोगों ने प्रतिभाग किया। वहीं, विभिन्न प्रमाण पत्र एवं अन्य सेवाओं के लिए 560 लोगों ने आवेदन किया। शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा 14,500 लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।

इसके अलावा शिविरों में 848 जनसमस्याओं एवं शिकायतों का पंजीकरण किया गया, जिनमें से 568 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। साथ ही आम जनता को अपनी शिकायतों के निस्तारण और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पाने का एक अच्छा मंच भी मिल रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल