घर पर एसी आंगन में क्रेटा बोलेरो जैसी महंगी कारें फिर भी ले रहे थे मुफ्त राशन, जिले में सैकड़ों राशन कार्ड निरस्त
हल्द्वानी , 05 जून (हि.स.)। नैनीताल जिले में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा चलाए जा रहे घर-घर सत्यापन अभियान में चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कई ऐसे परिवार चिन्हित किए गए हैं जिनके घरों में एसी लगे हैं, आंगन में क्रेटा और बोलेरो जैसी महंगी कारें खड़ी हैं, इसके बावजूद वे मुफ्त या रियायती दर पर राशन ले रहे थे। पूर्ति विभाग ने अब तक 1202 राशन कार्ड और 5,116 यूनिट निरस्त कर दी हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले की टीमें हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, धारी, कालाढूंगी और श्रीकैंची धाम तहसील क्षेत्रों में घर-घर जाकर राशन कार्डों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। अब तक 30,383 राशन कार्डों और 1,30,012 यूनिट का सत्यापन किया जा चुका है। जांच में पाया गया कि कई परिवार पहले पात्र थे, लेकिन समय के साथ उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो चुकी है। बच्चों की अच्छी नौकरियां लग चुकी हैं, फिर भी वर्षों से राशन कार्ड जारी रखा गया।
पूर्ति निरीक्षक मोहित कठायत के अनुसार लालकुआं क्षेत्र में ऐसे कई परिवार मिले हैं, जिनके सदस्य बड़ी सेंचुरी जैसी कंपनियों में स्थायी नौकरी कर रहे हैं और फिर भी मुफ्त राशन ले रहे थे। नगर पालिका क्षेत्र में एक घर के बाहर क्रेटा कार खड़ी मिली, जिसके बाद कार्ड निरस्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जिलेभर में ऐसे कई अपात्र कार्डधारक चिन्हित किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2025 में आयकर जमा करने वाले 37 हजार राशन कार्ड धारकों के नाम भी सूची से हटाए गए थे।
इसके बाद से सत्यापन अभियान और सख्त कर दिया गया है।जिले में तीन श्रेणियों में राशन कार्ड जारी किए जाते हैं— अंत्योदय अन्न योजना (गुलाबी कार्ड): सालाना आय 48 हजार रुपये तक। प्राथमिक परिवार (पीएचएच) सफेद कार्ड: सालाना आय 1.80 लाख रुपये तक। राज्य खाद्य योजना (पीला कार्ड): सालाना आय 5 लाख रुपये तक। नैनीताल जिले में लगभग 2.32 लाख राशन कार्ड हैं, जिनके माध्यम से करीब 9.51 लाख लोगों को राशन वितरित किया जाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

