दून में दो दिवसीय ‘द लिटरेरी टेबल’ लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल का शुभारंभ
देहरादून, 26 सितंबर (हि.स.)। देहरादून के फेयरफील्ड बाय मैरियट में शनिवार को दो दिवसीय ‘द लिटरेरी टेबल’ लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन अनिमेष ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
प्रेम रंजन अनिमेष ने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने और आपसी दूरी कम करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि साहित्य और कला ने हमेशा समाज में संवाद और समरसता को बढ़ावा देने का काम किया है तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को मजबूत किया है।
उन्होंने संस्कृत साहित्य के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय साहित्य परंपरा में संस्कृत का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने हरिवंश राय बच्चन की ‘मधुशाला’ का भी स्मरण किया और कहा कि साहित्य में मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विभिन्न रंगों की अभिव्यक्ति होती है।
दृष्टि आई इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. गौरव लूथरा ने आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साहित्य और कला लोगों को एकता के सूत्र में बांधने का काम करते हैं।
महोत्सव की निदेशक डॉ. आलोका दास गुप्ता नियोगी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए साहित्य और कला के क्षेत्र में संवाद और विचार-विमर्श के लिए ऐसे आयोजनों की भूमिका पर प्रकाश डाला। पहले दिन साहित्य,इतिहास,अपराध और समकालीन सामाजिक विषयों से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
एक सत्र में उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने साइबर अपराध और अन्य अपराधों के साथ ही पीड़ितों के प्रति पुलिस के रवैये से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने साइबर अपराध की बदलती प्रकृति और इससे निपटने में जागरूकता तथा प्रभावी पुलिसिंग की आवश्यकता पर चर्चा की।
‘स्टोरीज ऑफ मेमोरी एंड साइलेंस’ सत्र में मोना वर्मा, डॉ. आलोका दास गुप्ता नियोगी, जयश्री बनर्जी और गुंजन कवात्रा बलूजा ने विभिन्न सामाजिक और सामुदायिक मुद्दों पर चर्चा की। सत्र में समाज में संवाद, स्मृतियों और बदलते सामाजिक संबंधों से जुड़े विषय उठाए गए।
महोत्सव के एक प्रमुख सत्र ‘इन हॉट ब्लड, कोल्ड प्रिंट’ में लेखिका और स्तंभकार बाची करकारिया और डॉ. रूबी गुप्ता ने भाग लिया। सत्र में युद्ध, इतिहास, समाज और व्यापार पर पड़ने वाले उसके प्रभाव से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
महोत्सव में लेखक एवं स्तंभकार बाची करकारिया,पूर्व डीजीपी अशोक कुमार,डॉ. शालिनी मलिक, लेखक तरुण महर्षि, लेखक एवं मनोवैज्ञानिक समृद्धि गुलाटी, लेखक एवं प्रकाशक अजिताभ बोस और डॉ. आलोका दास गुप्ता नियोगी समेत साहित्य और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियां भाग ले रही हैं। महोत्सव का आयोजन 27 सितंबर तक चलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

