home page

(अपडेट) 235 करोड़ की चार परियोजनाओं से बदलेगी धर्मनगरी की तस्वीर, धामी ने किया शिलान्यास

 | 
(अपडेट) 235 करोड़ की चार परियोजनाओं से बदलेगी धर्मनगरी की तस्वीर, धामी ने किया शिलान्यास


हरिद्वार, 21 जुलाई (हि.स.)। हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से आगामी महाकुंभ-2027 और कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं अधिक सुदृढ़ होंगी, वहीं श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

अलकनंदा होटल, हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके साथ ही 66.76 करोड़ रुपये से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी बनाने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल शिलान्यास तक सीमित नहीं रहती, बल्कि परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अलावा केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना भी है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रवेश द्वार है। आगामी महाकुंभ-2027 को इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकुंभ को देखते हुए नए घाटों और पुलों का निर्माण, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर सड़क चौड़ीकरण, रोह नदी पर नए पुल का निर्माण तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक सड़क के सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके अलावा लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज, श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र, हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी परियोजना, हर की पैड़ी से चंडी देवी और मनसा देवी तक रोपवे, लालढांग में पुल एवं झूला पुल, शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन तथा मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कांवड़ यात्रा के लिए केवल अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भर नहीं रहा जाएगा, बल्कि कांवड़ पटरी मार्ग का स्थायी एवं आधुनिक विकास किया जा रहा है, जिससे हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है। समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति इसी सोच का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है तथा 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हरिद्वार में विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि महाकुंभ-2027 से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

समारोह में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मेलाधिकारी सोनिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला