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खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण मामले में नया अभियोग दर्ज कराने की मांग खारिज

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खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण मामले में नया अभियोग दर्ज कराने की मांग खारिज


नैनीताल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण, हवन-यज्ञ और गंगाजल छिड़काव के मामले में अलग से नया अभियोग दर्ज कराने की मांग को नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने पाया कि इसी घटना के संबंध में पुलिस पहले ही अभियोग दर्ज कर विवेचना कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रघुवीर सिंह नाम के याची ने गत 21 सितंबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा आयोजित होने के दो दिन बाद 10 अगस्त को गिरीश चंद्र पांडे और 15 अन्य लोगों ने कथित रूप से उस स्थान पर शुद्धिकरण यज्ञ और गंगाजल का छिड़काव किया, जहां खड़गे ने जनसभा को संबोधित किया था। प्रार्थी ने इसे अनुसूचित जाति के सदस्यों का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

न्यायालय के आदेश पर हल्द्वानी कोतवाली से पुलिस आख्या तलब की गई। पुलिस की आख्या के अनुसार, इसी घटना के संबंध में अधिवक्ता अंजू की ओर से 15 अगस्त को दी गई शिकायत के आधार पर 7 सितंबर 2026 को अभियोग अपराध संख्या 304/2026 दर्ज किया जा चुका है। इसमें एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(त) के तहत अज्ञात के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना वर्तमान में पुलिस अधीक्षक (अपराध), नैनीताल द्वारा की जा रही है।

न्यायालय ने कहा कि एक ही घटना के संबंध में अलग-अलग सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया जाना विधिसम्मत नहीं है। चूंकि प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र का मूल उद्देश्य कथित घटना के संबंध में अभियोग दर्ज कराकर विवेचना कराना था और इसी घटना में पहले ही अभियोग दर्ज हो चुका है, इसलिए प्रार्थना पत्र निष्प्रभावी हो चुका है। सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने प्रार्थना पत्र को निरस्त करते हुए प्रकरण को निस्तारित कर अभिलेखागार में दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी