हरिद्वार बाघ शिकार मामला: वन विभाग को मुख्य आरोपित की रिमांड का इंतजार, जहर और कुल्हाड़ी बरामद
हरिद्वार, 29 मई (हि.स.)। उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद की श्यामपुर रेंज में दो बाघों के शिकार का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मामले की जांच में जुटे वन विभाग को अब मुख्य आरोपित आमिर हमजा उर्फ मियां की रिमांड मिलने का इंतजार है। विभाग ने कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी दाखिल कर दी है। विभाग का मानना है कि रिमांड मिलने के बाद वन्यजीव शिकार कांड से जुड़े कई अहम राज खुल सकते हैं, खासकर दोनों बाघों के गायब पंजों की बरामदगी हो सकती है।
वन विभाग के अनुसार, आरोपि आमिर हमजा ने ही मृत भैंस के मांस पर जहरीला पदार्थ छिड़ककर बाघों को निशाना बनाया था। जहरीला मांस खाने से दोनों बाघों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने धारदार हथियार से बाघों के पंजे काट लिए। हालांकि अब तक पंजे बरामद नहीं हो सके हैं।
दो साल के दो बाघों के मिले थे शव बीती 18 और 19 मई को श्यामपुर रेंज के जंगलों में करीब दो साल उम्र के दो बाघों के शव बरामद हुए थे। जांच के दौरान पता चला कि दोनों बाघों के पंजे गायब थे। घटनास्थल की स्थिति देखकर वन विभाग ने शिकार की आशंका जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू की गई।
जहर और कुल्हाड़ी बरामद
जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने शिकार में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और जहरीला पदार्थ बरामद कर लिया है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले केमिकल को जहर के रूप में प्रयोग किया गया था। यही जहरीला पदार्थ मृत भैंस पर लगाया गया, जिसे खाने के बाद बाघों की मौत हुई।
डीएफओ के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बाघों के पंजे आमिर हमजा के पास हैं। ऐसे में वन विभाग की पूरी कोशिश है कि आरोपी की रिमांड लेकर पंजों की बरामदगी की जाए और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
कोर्ट में किया था सरेंडर
वन विभाग की कार्रवाई तेज होने के बाद मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इससे पहले वन विभाग ने उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अधिकारियों का कहना है कि हमजा लंबे समय तक विभाग को चकमा देता रहा, लेकिन अब उसकी रिमांड मिलने की संभावना है।
वन मंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद प्रदेश के वन मंत्री ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वन मंत्री ने साफ कहा था कि शिकार मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
रेंजर समेत तीन कर्मचारी निलंबित
जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर श्यामपुर रेंज के रेंज अधिकारी विनय राठी, एक फॉरेस्टर और एक फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया गया। वहीं रेंज अधिकारी विनय राठी को हरिद्वार डीएफओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
रिमांड से खुल सकते हैं कई राज
वन विभाग का मानना है कि आमिर हमजा की रिमांड मिलने के बाद न केवल बाघों के पंजों की बरामदगी हो सकती है, बल्कि इस पूरे शिकार गिरोह और वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल वन विभाग कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है और मामले की जांच लगातार जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

