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कवयित्री से 40 लाख की ठगी और बदनामी मामले में छह अभियुक्त दोषसिद्ध, मुख्य आरोपियों को सात वर्ष का सश्रम कारावास

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कवयित्री से 40 लाख की ठगी और बदनामी मामले में छह अभियुक्त दोषसिद्ध, मुख्य आरोपियों को सात वर्ष का सश्रम कारावास


नैनीताल, 17 जनवरी (हि.स.)।राष्ट्रीय स्तर की एक कवयित्री के साथ मकान सौदे में 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी और सोशल मीडिया के जरिए बदनामी फैलाने के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने सात वर्ष बाद कड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल रवि प्रकाश ने इस प्रकरण में सभी छह अभियुक्तों को दोषसिद्ध ठहराते हुए स्पष्ट किया कि महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी समाज के लिए घातक संदेश देती है।

अदालत के अनुसार, पीड़िता कुमारी गौरी मिश्रा निवासी स्वामी विहार, गौजाजाली हल्द्वानी से अभियुक्त गौरव गुप्ता ने 40 लाख रुपये में मकान बेचने का सौदा किया था। इस सौदे के तहत उसने 35 लाख रुपये नकद व चेक के माध्यम से प्राप्त कर लिए, लेकिन न तो मकान सौंपा गया और न ही पूरी धनराशि लौटाई गई। बाद में रकम लौटाने के नाम पर दिए गए 30 लाख रुपये के छह चेक भी बैंक से अनादरित हो गए।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि मुकदमे वापस न लेने पर अभियुक्तों ने जान से मारने की धमकी दी और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से फर्जी कॉल रिकॉर्डिंग तैयार कर इंटरनेट मीडिया पर वायरल की गई। इस प्रकरण में वर्ष 2019 में कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना के उपरांत पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 506, 509 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि पूरक आरोप पत्र में आईटी एक्ट की धारा 66बी भी जोड़ी गई। न्यायालय ने 44 पृष्ठों के विस्तृत निर्णय में सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

न्यायालय ने गौरव गुप्ता और सौरभ गुप्ता को धोखाधड़ी, धमकी और महिला की गरिमा भंग करने के अपराध में सात वर्ष तक के सश्रम कारावास सहित विभिन्न धाराओं में कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य अभियुक्तों को भी महिला की गरिमा भंग करने और आईटी अधिनियम के तहत सश्रम कारावास व जुर्माने से दंडित किया गया।

अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा अभियुक्तों द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी