पति की हत्यारोपित नीलम चौधरी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट
नैनीताल, 14 अगस्त (हि.स.)। पुराने आपराधिक अभियोग में फरार चल रही नीलम नाम की आरोपित महिला की गिरफ्तारी के लिए नैनीताल की अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही जमानत बंधपत्र की ₹50 हजार धनराशि के स्रोत पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए होमगार्ड्स के कमांडेंट जनरल को एक माह में विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में शपथपत्रों में गलत तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाये।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने जिला कमांडेंट होमगार्ड्स, नैनीताल की पूर्व जांच रिपोर्ट को अपर्याप्त मानते हुए देहरादून स्थित कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स से नए सिरे से जांच कराने के आदेश दिए है। न्यायालय के अनुसार नीलम की जमानत के समय प्रतिभू कमला देवी ने ₹50 हजार की धनराशि में ₹30 हजार अपने पिता प्रेम बल्लभ शर्मा से मिलने और ₹20 हजार अपनी बचत होने की बात कही थी, लेकिन बैंक खाते से धनराशि निकासी अथवा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गये। अदालत ने कहा कि दो जनवरी 2026 के पूर्व आदेश के अनुरूप धनराशि के स्रोत की पर्याप्त जांच नहीं हुई।
न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि कमला देवी और प्रेम बल्लभ शर्मा ने जिला कमांडेंट होमगार्ड्स या न्यायालय के समक्ष गलत शपथपत्र प्रस्तुत किये हैं, तो उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज कर विवेचना करायी जाये। आदेश में प्रथम दृष्टया ऐसे कृत्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 193 के अंतर्गत दंडनीय होने की संभावना बतायी गयी है, हालांकि किसी को दोषी घोषित नहीं किया गया है।
उधर नीलम को पहले ही उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है। अदालत में उपस्थित न होने पर उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। अभिलेखों में मनीष मिश्रा के भी फरार होने का उल्लेख है। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को भेजे पत्र में बताया कि दोनों फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सात सदस्यीय संयुक्त पुलिस टीम गठित की गयी थी, लेकिन अदालत को प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इसके बाद न्यायालय ने गिरफ्तारी की कार्रवाई में तेजी लाने और जमानत बंधपत्र से जुड़े सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए।
पति की गाड़ी में जिंदा जलाने की घटना
मई 2019 में रुद्रपुर के कारोबारी अवतार सिंह का शव रानीबाग भीमताल मार्ग पर सलड़ी के पास कार के अंदर जली अवस्था में मिला था। इस मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी नीलम नीलम चौधरी और उसके प्रेमी मनीष मिश्रा को गिरफ्तार किया था। आरोप लगा कि नीलम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को बेहोश करने की नींद की गोली दी और कार से हल्द्वानी और फिर भीमताल मार्ग पर सलड़ी के पास लाकर कार में पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाकर मार डाला था। डीएनए टेस्ट और फॉरेंसिक जांच से कार में मिला शव अवतार सिंह का ही साबित हुआ।
इस मामले में न्यायालय में जिला शासकीय अधिवक्ता ने 17 गवाहं पेश किये। इस बीच नीलम चौधरी 15 दिन की अल्पकालिक जमानत पर बाहर आयी और जिस हल्द्वानी जेल में बंद थी, वहीं नौकरी करने वाली महिल होमगार्ड और एक अन्य व्यक्ति से 50-50 हजार रुपये के बंधपत्र दिलाकर जमानत प्राप्त कर ली। जेल से बाहर आने के बाद दूसरी तिथि पर नीलत मिश्रा फरार हो गयी। ऐसे में जमानती कमला देवी ने 50 हजार जमा करा दिये। अब जबकि नीलम चौधरी और उसका प्रेमी मनीष मिश्रा दोनों गैर जमानती वारंट के बावजूद जेल से 9 माह से अधिक समय से फरार हैं। वहीं जमानती कमला देवी के विरुद्ध भी कार्रवाई नहीं हुई। अब मामले में एक बार फिर आरोपितों की गिरफ्तारी और उन पर कार्रवाई होने की उम्मीद की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

