लेक ब्रिज चुंगी निविदा को लेकर सभासद धरने पर बैठे
नैनीताल, 22 जून (हि.स.)। लेक ब्रिज चुंगी की निविदा प्रक्रिया और अन्य मांगों को लेकर नगर पालिका परिषद में विवाद गहरा गया है। पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच पिछले एक सप्ताह से चल रहे मतभेद के बीच सोमवार को सभासद धरने पर बैठ गये। विवाद का मुख्य कारण लेक ब्रिज चुंगी के लिए निकाली गयी 21 माह की निविदा को लेकर उठा विरोध है।
नगर पालिका ने लेक ब्रिज चुंगी की 21 माह की निविदा जारी कर उसका आधार मूल्य 20 करोड़ 50 लाख रुपये निर्धारित किया था। निविदा प्रक्रिया में चार आवेदकों ने भाग लिया। तकनीकी निविदा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वित्तीय निविदा खोली जानी थी, लेकिन सभासदों ने 21 माह की अवधि की निविदा पर आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया, जिसके कारण वित्तीय निविदा नहीं खोली जा सकी। पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल का कहना है कि इस निविदा से पालिका को अच्छी आय प्राप्त होती, जिससे विकास कार्यों को गति मिलने के साथ पालिका को ऋणमुक्त बनाने में मदद मिलती।
उन्होंने कहा कि यदि सभासदों को आपत्ति थी तो वह निविदा जारी होने या तकनीकी निविदा खुलने के समय भी विरोध दर्ज करा सकते थे, लेकिन वित्तीय निविदा खुलने के समय विरोध किया गया। वहीं सभासदों का कहना है कि उन्होंने दो जून को बोर्ड बैठक बुलाने के लिए पत्र दिया था, जबकि निविदा प्रक्रिया नौ जून को प्रारंभ की गयी। उनका आरोप है कि यदि बोर्ड बैठक आयोजित होती तो वे 21 माह की निविदा का विरोध उसी मंच पर कर सकते थे। सभासदों ने इसे लेकर पालिका की मंशा पर भी प्रश्न उठाए हैं। इस पर पालिकाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने बोर्ड बैठक की तिथि तय करने के लिए सभासदों से सुझाव मांगे थे, लेकिन उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं मिला, जिसके कारण बैठक आयोजित नहीं हो सकी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

