सीटू और किसान सभा ने जिला मुख्यालय पर किया धरना-प्रदर्शन
नई टिहरी, 10 अगस्त (हि.स.)। सेंट्रल ट्रेड यूनियन (सीटू) और किसान सभा ने संयुक्त रूप से कामगारों, मजदूरों व किसानों के सवाल पर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर चार श्रम संहिताएं खत्म करने की मांग रखी।
सोमवार को सीटू, किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने सुमन पार्क से डीएम कार्यालय तक रैली निकाली। कलेक्ट्रेट में आम सभा करने के बाद डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को मांगों का ज्ञापन भेजा। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से जारी चार श्रम संहिताएं रद्द करने, काम के घंटे आठ करने, सभी फसलों की एमएसपी लागू करने की मांग रखी।
साथ ही पक्की खरीद की गारंटी देने वाला कानून लाने की मांग की। वहीं उर्वरक की किल्लत पर सब्सिडी बढ़ाने, मनरेगा को बहाल करने, 200 दिनों का रोजगार, मजदूरी दर 700 रूपये करने, आंगनबाड़ी, भोजनमाता, आशा, अंशदायी राज्य व पुलिस कर्मियों न्यूनतम 26 हजार वेतन मासिक करने, बिजली विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 को वापस लेने की मांग भी की। जबकि खाद्यान्न सुरक्षा संशोधन विधेयक को भी वापस लेने, जमीनों का जबरन अधिग्रहण बंद करने, जंगली जानवरों के नुकसान पर पर्याप्त मुआवजा की मांग उठाई। इस मौके पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष जबर सिंह नेगी, जिला सचिव कृपाल सिंह, सीटू के जिलाध्यक्ष विशाल राणा, जिला सचिव चिंतामणि थपलियाल, भगवान सिंह राणा, राजेश चमोली, रमेश लाल, मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी

