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बीस से अधिक कमरे वाले हाेटल अथवा संस्थान काे स्वयं का एसटीपी हाेना जरूरी

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बीस से अधिक कमरे वाले हाेटल अथवा संस्थान काे स्वयं का एसटीपी हाेना जरूरी


नई टिहरी, 21 अगस्त (हि.स.)। जिला गंगा समिति की बैठक लेते हुए डीएम नितिका खंडेलवाल ने एसडीएम नरेंद्रनगर और परियोजना प्रबंधक ऋषिकेश को 300 केएलडी क्षमता के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) प्लांट का निर्माण कार्य सितंबर माह के प्रथम सप्ताह से दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को एनजीटी के मानकों का कड़ाई पालन करने के निर्देश भी दिए।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में बताया गया कि मुनिकीरेती-ढ़ालवाला में निर्माणाधीन आठ एमएलडी एसटीपी प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वहीं कीर्तिनगर में 10 केएलडी एसटीपी प्लांट के उच्चीकरण का कार्य चल रहा है। उच्चीकरण के बाद प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 65 केएलडी हो जाएगी। इसमें कीर्तिनगर के अन्य दो नालों को भी जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

एनजीटी के मानकों के अनुसार 20 से अधिक कमरों वाले होटल और संस्थानों में स्वयं का एसटीपी अथवा एफएसटीपी स्थापित किया जाना जरूरी है। इसके तहत तपोवन क्षेत्र में 20 से अधिक कमरों वाले 65 होटल चिह्नित किए गए हैं। डीएम ने मुनिकीरेती पालिका क्षेत्र में भी 20 से अधिक कमरों वाले होटल और संस्थानों को चिह्नित कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही इन होटल और अन्य संस्थानों में एसटीपी और सीवर संयोजन की स्थिति की जांच के लिए समिति गठित कर स्थलीय निरीक्षण कर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी