नैनीताल में एक और अंग्रेजी दौर की ग्लेनमोर कोठी आग से राख
नैनीताल, 01 मार्च (हि.स.)। नैनीताल में एक के बाद एक अंग्रेजी दौर की कोठियों के आग की भेंट चढ़ने का सिलसिला जारी है। रविवार को नगर आल्मा लॉज और निशांत स्कूल के पास स्थित ब्रिटिशकालीन ग्लेनमोर कोठी भीषण अग्निकांड की भेंट चढ़ गई। घटना के दौरान कोठी में रहने वाले गृहस्वामी कहीं बाहर से आज ही लौटे थे। अपराह्न लगभग पौने दो बजे घर लौटने पर उन्हें घर के भीतर धुंवा महसूस हुआ।
इस पर उन्होंने 1.50 बजे अग्निशमन विभाग को सूचना दी। लेकिन अग्निशमन विभाग की टीम संकरी सड़क से बमुश्किल मौके पर पहुंची, तब तक लकड़ियों से बने पुराने भवन में आग पूरी तरह से लग चुकी थी। लगभग साढ़े तीन घंटे के बाद भी आग अभी पूरी तरह से नहीं बुझ पायी है। अलबत्ता घर में रहने वाले परिवार सुरक्षित है, किंतु भवन में रखा समस्त सामान और एक दर्जन कक्षों वाली यह अंग्रेजों के समय की लकड़ी निर्मित इमारत पूरी तरह जल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्लेनमोर कोठी के एक हिस्से में जिला कलक्ट्रेट से सेवानिवृत्त ललित मोहन तिवारी परिवार सहित निवास करते थे, जबकि दूसरे हिस्से में सेवानिवृत्त एरीज कर्मी अनिल जोशी रहते थे, जो उस समय घर पर मौजूद नहीं थे। आज लगभग पौने दो बजे गृह स्वामी घर लौटे तो घर के भीतर धुंवा नजर आये, उन्होंने तत्काल आग की सूचना अग्निशमन विभाग को दी। सूचना मिलने पर अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में तीन दमकल वाहन संकरी सड़क से जोखिम उठाते हुए मौके पर पहुंचे।
आग बुझाने में प्रकाश मेर, प्रकाश कांडपाल, भूपेंद्र नेगी, नीरज, नानक राणा, रमेश चंद्र, किशोर, बीना परिहार, कविता सकलानी, रूपा राणा और अमरदीप राणा सहित टीम पिछले लगभग साढ़े तीन घंटे से आग बुझाने में जुटे हुए हैं, लेकिन आग पूरी तरह से नहीं बुझ पायी है। अग्निशमन कर्मियों ने बताया कि क्षेत्र में हाइड्रेंट न होने और पानी की कमी के कारण आग पर काबू पाने में कठिनाई आई।
आग लेने के लिये बमुश्किल संकरी सड़क से आना और लौटना पड़ा। समाचार लिखे जाने तक भी जलते हुए घटन की लकड़ियां सुलग रही हैं और टिन की चादरें गिरने का खतरा बना हुआ है। पुलिस भी मौके पर मौजूद है। स्थानीय लोग भी आग बुझाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

