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संस्कृत बोर्ड परीक्षा मे भुवनेश्वरी का दबदबा शत प्रतिशत परिणा के साथ चार छात्र रहे टॉप टेम में

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पौड़ी गढ़वाल, 10 अप्रैल (हि.स.)।उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद, देहरादून द्वारा आज शुक्रवार को उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष (इंटरमीडिएट) एवं पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष (हाई स्कूल) का बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। परिणाम घोषित होते ही ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय, भुवनेश्वरी ने एक बार फिर अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया कक्षा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष में 4 छात्रों आदित्य ,दिव्याशुं सशांक और मनीष मे टॉप टेन मे स्थान बनाया ।

इस उपलब्धि पर विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद जुयाल व प्रधानाचार्य अनसूया प्रसाद ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, अनुशासन और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उन्हें आगे और भी बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी।

छात्रावास अधीक्षक नवीन जुयाल ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पूर्व विशेष कक्षाएँ, नियमित रिवीजन, टेस्ट सीरीज और अनुशासित दिनचर्या का पालन कराया जाता है, बोर्ड हेतु विशेष तैयारी दिन रात करायी जाती है ,जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं। और हमें परिणाम के बाद सुखद आनन्द की अनूभूति होती है।

डॉ. नवीन ममगाईं ने बताया कि विद्यालय का यह उत्कृष्ट रिकॉर्ड पिछले कई वर्षों से निरंतर बना हुआ है।उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव प्रदेश के श्रेष्ठ संस्थानों में अपनी पहचान बनाए हुए है।जिसके पीछे मुख्य कारण है की सभी लोग नवीन जुयाल व सुन्दरियाल के कुशल नेतृत्व मे कार्य करते हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक डॉ. अनूप कुकरेती, कमलदीप पोखरियाल, ईशान डोभाल, आशीष डबराल, नीरज पटवाल, अंकित मैठानी आदि ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिणाम आगे और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं और पूरे विद्यालय परिवार में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

विद्यालय परिसर में परिणाम की घोषणा के बाद विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को बधाइयाँ दीं, शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और अपनी सफलता का उत्सव मनाया। वहीं अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह विद्यालय की अनुशासित शिक्षा व्यवस्था और समर्पित शिक्षकों का परिणाम है, जिसने बच्चों के भविष्य को नई दिशा प्रदान की।

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हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह