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अंकिता भंडारी मामला: हल्द्वानी में यूथ कांग्रेस ने निकाली प्रतीकात्मक शव यात्रा

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हल्द्वानी , 15 अक्टूबर (हि.स.)। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गया है। दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के प्रदर्शन और पुलिस द्वारा उन्हें वहां से हटाए जाने की खबर के बाद हल्द्वानी में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।

कार्यकर्ताओं ने बुद्ध पार्क से कथित वीआईपी प्रकरण को लेकर भाजपा के एक नेता के खिलाफ प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और एसडीएम कार्यालय के बाहर पहुंचकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।

प्रदर्शनकारी बुद्ध पार्क से एकत्र होकर एसडीएम कार्यालय की ओर बढ़े। कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में जवाबदेही तय करने और मामले में जिन लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई बनती है, उनके विरुद्ध सख्त कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा के खिलाफ नारे लगाए गए और कथित वीआईपी प्रकरण में संबंधित नेता को जेल भेजने की मांग भी उठाई गई।

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग लंबे समय से उठ रही है और इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना जरूरी है। गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को अंकिता भंडारी के माता-पिता न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पहुंचे थे। उनके साथ कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद रहे।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के भी मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। 15 अक्टूबर की तड़के पुलिस द्वारा अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस नेताओं को वहां से हटाए जाने की खबर के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। दिल्ली में हुए घटनाक्रम का असर हल्द्वानी में भी देखने को मिला, जहां यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लगातार उठाया जाता रहेगा।

फिलहाल अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर उत्तराखंड की सड़कों पर सुनाई दे रही है। अब इस मुद्दे पर सरकार और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता