स्वच्छता अभियान में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: हरिद्वार के 6 एडीओ (पंचायत) के वेतन पर रोक
हरिद्वार, 01 जून (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत राज अधिकारी हरिद्वार ने जनपद के सभी छह सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के मई के वेतन आहरण पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है।
जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा अपेक्षित सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान और कूड़ा निस्तारण व्यवस्थाओं की निगरानी में भी गंभीर लापरवाही सामने आई।
जांच में यह भी पाया गया कि स्वजल योजना के तहत विकास खंडों को उपलब्ध कराए गए वाहनों का रोस्टर के अनुसार संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया। वहीं ग्राम पंचायतों में सूखे कूड़े के संग्रहण संबंधी शासनादेशों का प्रभावी अनुपालन और अनुश्रवण भी नहीं किया गया। नियमित सूचनाएं उपलब्ध न होने से प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सभी छह एडीओ (पंचायत) के वेतन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में सुधार लाते हुए आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराएं।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी स्तर पर कार्यों में शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

