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हरिद्वार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सख्ती

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हरिद्वार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सख्ती


हरिद्वार, 08 जून (हि.स.)। मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण को लेकर सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. ललित नारायण मिश्र ने की।

बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र कर उनका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत और पंचायतीराज विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा प्रबंधन के लिए ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

अधिकारियों को घरों, फैक्ट्रियों, दुकानों, होटल-ढाबों और चिकित्सालयों से निकलने वाले कचरे के पृथक संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए। कूड़ा वाहनों में प्लास्टिक, मेडिकल वेस्ट, सैनिटरी नैपकिन और डायपर सहित विभिन्न प्रकार के अपशिष्टों के लिए अलग-अलग कंटेनर रखने पर भी जोर दिया।

बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कचरे की निगरानी करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को स्वच्छता अभियान में छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने तथा निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी विभागों से प्रतिदिन सफाई कार्यों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने आमजन से भी स्वच्छता अभियान में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुझाव अथवा शिकायत के लिए विकास भवन स्थित स्वच्छता कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 8273371714 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है और यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखना प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला