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हल्द्वानी में अभिव्यक्ति 2026' के द्वितीय संस्करण

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हल्द्वानी में अभिव्यक्ति 2026' के द्वितीय संस्करण


हल्द्वानी , 30 जुलाई (हि.स.)। प्रथम संस्करण की शानदार सफलता के बाद दिल्ली पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी ने उत्साह एवं साहित्यिक गरिमा के साथ 'अभिव्यक्ति 2026' के द्वितीय संस्करण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस के सभी सत्रों का संचालन टीम ट्विन विन द्वारा किया गया। उनकी अनुभवात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण शैली ने प्रत्येक सत्र को रचनात्मकता, प्रभावी संवाद और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात अर्ध-शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत मनमोहक सरस्वती वंदना ने पूरे वातावरण को ज्ञान, संस्कृति एवं प्रेरणा से आलोकित कर दिया और तीन दिवसीय साहित्यिक उत्सव की गरिमामयी शुरुआत हुई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न साहित्यिक एवं सृजनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कक्षा तृतीय के विद्यार्थियों ने 'वन लाइन स्टोरीज़' के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया, जबकि कक्षा पंचम के विद्यार्थियों ने 'स्टोरीवर्स – व्हेयर आइडियाज़ कम अलाइव' के अंतर्गत अपनी रचनात्मक कहानियों से सभी को प्रभावित किया। कक्षा षष्ठम् के विद्यार्थियों ने 'स्टोरीटेलिंग थ्रू पपेट्री' के माध्यम से कठपुतली कला द्वारा प्रभावशाली कहानी प्रस्तुति दी। वहीं कक्षा सप्तम् के विद्यार्थियों ने 'वॉइस, विज़न, विक्ट्री – कॉन्फिडेंस ड्रिल थ्रू थिएटर' गतिविधि के माध्यम से आत्मविश्वास एवं प्रभावी संवाद कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कक्षा अष्टम् के विद्यार्थियों ने श्लोक वाचन सत्र में 'महिषासुर मर्दिनी' की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिवस का समापन 'एक्सटेम्पोर एवं क्रिएटिव राइटिंग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता' विषयक सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने तात्कालिक वक्तृत्व कला तथा रचनात्मक लेखन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी एवं प्रभावी उपयोग की जानकारी प्राप्त की। दिनभर विद्यार्थियों ने सहभागितापूर्ण एवं अनुभवात्मक गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सहयोगात्मक भावना तथा समालोचनात्मक चिंतन का विकास किया, जिससे सीखने की प्रक्रिया आनंददायक एवं सार्थक बनी।

'अभिव्यक्ति 2026' का प्रथम दिवस अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी रहा। यह आयोजन विद्यालय की साहित्यिक उत्कृष्टता, सृजनात्मकता तथा प्रभावी अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। आगामी दिनों में होने वाले विविध ज्ञानवर्धक एवं प्रेरक सत्र निश्चित रूप से विद्यार्थियों को नई सीख प्रदान करेंगे तथा साहित्य एवं कला के प्रति उनके आजीवन प्रेम को और सुदृढ़ करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता