नर्सिंग कॉलेज में 73 लोगों की टीबी जांच, संदिग्ध मरीजों की पहचान पर जोर
पौड़ी गढ़वाल, 07 अगस्त (हि.स.)। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को नर्सिंग कॉलेज डोभ, श्रीकोट में निशुल्क टीबी एक्सरे एवं जांच शिविर लगाया। शिविर में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे 73 लोगों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को टीबी के लक्षणों, बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल के निर्देशन में आयोजित शिविर में लोगों को निशुल्क छाती का डिजिटल एक्सरे, बलगम जांच, चिकित्सकीय परामर्श और दवा वितरण की सुविधा दी गई। शिविर का उद्देश्य टीबी के संदिग्ध मरीजों की शुरुआती स्तर पर पहचान कर उनका तत्काल उपचार शुरू करना रहा। नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मीनू ने कहा कि नर्सिंग के छात्र भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में छात्रों को टीबी की रोकथाम और इसके प्रति जागरूकता अभियान से जोड़ना जरूरी है। इसी उद्देश्य से कॉलेज में शिविर आयोजित किया गया।
सीएमओ डॉ. मेघना असवाल ने बताया कि 2026 तक जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के 15 ब्लॉकों में विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाकर टीबी के संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है। चिन्हित मरीजों को निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत कर निशुल्क उपचार के साथ पोषण राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि टीबी की समय पर पहचान और पूरा उपचार ही बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है। लोगों को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसे लक्षण होने पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिविर में एसटीएस नीरज भंडारी, जिला समन्वयक दामोदर प्रसाद ममगाईं, सुबोध कुकशाल समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

