भू-कानून उल्लंघन पर नैनीताल में 250 वर्गमीटर भूमि राज्य सरकार में निहित
नैनीताल, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में लागू भू-कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत नैनीताल जनपद में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने ग्राम सतबूंगा की 250 वर्गमीटर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं। जांच में एक परिवार के द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक भूमि क्रय कर भू-कानून का उल्लंघन पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपजिलाधिकारी नैनीताल की जांच में पाया गया कि हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी पूनम त्रिखा के नाम ग्राम खपराड़ में श्रेणी-1(ग) की 500 वर्गमीटर भूमि पहले से राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इसके बावजूद उनके पति राकेश त्रिखा ने ग्राम सतबूंगा में अतिरिक्त 250 वर्गमीटर भूमि क्रय कर ली।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों ने पति-पत्नी के अलग-अलग रहने का पक्ष रखा, जबकि जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि दोनों के बीच विधिक रूप से विवाह-विच्छेद नहीं हुआ है तथा खपराड़ की भूमि अब भी पूनम त्रिखा के नाम दर्ज है। इस आधार पर पति द्वारा अतिरिक्त भूमि का क्रय भू-कानून में निर्धारित सीमा का उल्लंघन माना गया।
प्रकरण से संबंधित अभिलेखों, जांच रिपोर्ट तथा दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम सतबूंगा स्थित 250 वर्गमीटर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश पारित किए। साथ ही उपजिलाधिकारी नैनीताल को राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन कर भूमि का विधिक कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संशोधित भू-कानून लागू होने के बाद निर्धारित सीमा से अधिक भूमि क्रय अथवा अन्य नियमों के उल्लंघन के मामलों की लगातार जांच की जा रही है। ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि राज्य के भू-कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

