home page

हिमालय के पर्यावरण और संस्कृति को सामूहिक प्रयास की जरूरतः दुर्गेश

 | 
हिमालय के पर्यावरण और संस्कृति को सामूहिक प्रयास की जरूरतः दुर्गेश


नई टिहरी, 13 सितंबर (हि.स.)। हिमालय के प्रख्यात संत डॉ. दुर्गेश आचार्य गंगा विश्व सद्भावना समिति की ओर से जिला मुख्यालय के बौराड़ी शहीद स्मारक पर रविवार (आज) से 11 दिवसीय शिव महापुराण में कथाा सुनाएंगे। शहीद सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में यह आयोजन किया जा रहा है। अपराह्न 2 बजे सत्येश्वर महादेव मंदिर बौराड़ी से कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।

रविवार को पत्रकार वार्ता करते हुए दुर्गेश महाराज ने बताया कि 24 सितंबर तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कहा कि हिमालयी पर्यावरण और संस्कृति के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है। जिस तरह से हिमालय डोल रहा है, यह चिंतनीय पहलू है। पहले धराली और अब नेपाल में आए महाविनाश को समझना जरूरी है। यहां पर्यटन की जगह तीर्थाटन को तवज्जो देनी होगी।

गौ, गंगा और सनातन का संरक्षण करना होगा। 11 दिवसीय कथा में विभिन्न प्रसंग के अलावा पर्यावरण संरक्षण पर भी वार्ता की जाएगी। समिति के अध्यक्ष राकेश राणा, कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद उनियाल, टीकम सिंह चौहान और गणेश प्रसाद भट्ट ने बताया कि आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने शहर के सभी लोगों से कथा में प्रतिभाग करने की अपील की।

इस मौके पर गोविंद पुंडीर, अनीता थपलियाल, शैला देवी, कल्पना भट्ट, अंबिका नैथानी, सोनम भंडारी, राम देई रावत, सपना कठैत, रोशनी भट्ट, कपिल उनियाल, कुलदीप नौटियाल, हेमंत नौटियाल, कृष्णा मिश्रा, राम रमया मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी