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व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग अभियान (तरणी)–2026 का शुभारंभ

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व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग अभियान (तरणी)–2026 का शुभारंभ


देहरादून, 16 मार्च (हि.स.)। सीमांत क्षेत्रों में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं में फिटनेस, अनुशासन एवं खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रानीखेत के सीमांत मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल के तत्वावधान में 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ ने “व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग अभियान (तरणी)–2026” का जौलजीबी में शुभारंभ किया गया।

यह अभियान सीमांत क्षेत्रों में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ जवानों की नदीय संचालन क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान का नेतृत्व उप महानिरीक्षक सुधांशु नौटियाल अभियान कमांडर के रूप कर रहे हैं, जबकि आशीष कुमार, कमांडेंट, 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल उप कमांडर के रूप में अभियान का संचालन कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में पूरी टीम अनुशासन, समन्वय एवं सुरक्षा के साथ इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अभियान में कुल 38 प्रतिभागी, 6 राफ्ट एवं 02 कायकिंग के माध्यम से भाग ले रहे हैं। प्रत्येक राफ्ट में मेसर्स विजय यात्रा, खटीमा द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षित दल शामिल हैं, जिनमें अनुभवी राफ्टिंग प्रशिक्षक, सुरक्षा दल एवं सहायक कर्मी सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त SDRF एवं सशस्त्र सीमा बल की RRT टीम को चिन्हित स्थानों पर तैनात किया गया है। अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों एवं प्रशिक्षित बचाव दल की व्यवस्था की गई है।

अभियान के दौरान 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा स्थानीय जनता के लिए मानव चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों के लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श एवं आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का स्थानीय लोगों ने लाभ उठाया और बड़ी संख्या में ग्रामीण चिकित्सा शिविर में पहुंचे।

अभियान का औपचारिक शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे जौलजीबी मेला मैदान से किया गया, जहां मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आशीष भटगांई द्वारा हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं सफल अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के साहसिक अभियान शारीरिक क्षमता के साथ-साथ टीमवर्क, नेतृत्व और आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करते हैं।

यह राफ्टिंग अभियान महाकाली (काली) नदी के जलमार्ग पर आयोजित किया जा रहा है, जो अपनी तीव्र जलधाराओं, चुनौतीपूर्ण प्रवाह तथा अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह नदी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ बहती है, जिसके कारण इसका सामरिक एवं भौगोलिक महत्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिभागी दल जौलजीबी से 57वीं वाहिनी की सीमा चौकी बूम तक लगभग 150 किलोमीटर की नदी यात्रा चरणबद्ध रूप से पूर्ण करेगा। यह अभियान चार दिनों में पूर्ण किया जाएगा, जिसमें प्रथम दिन जुलाघाट, द्वितीय दिन पंचेश्वर तथा अंतिम चरण में 19 मार्च को बूम पहुंचा जाएगा। यह अभियान सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा, साहसिक खेलों और युवा सशक्तिकरण के समन्वित प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी पिथौरागढ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमित कुमार, महानिरीक्षक, सीमांत मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, रानीखेत द्वारा की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल