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मूसलाधार वर्षा से नैनीताल में जनजीवन प्रभावित, झील का जलस्तर 80 फीट 4 इंच पहुंचा

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मूसलाधार वर्षा से नैनीताल में जनजीवन प्रभावित, झील का जलस्तर 80 फीट 4 इंच पहुंचा


नैनीताल, 08 अप्रैल (हि.स.)। राज्य के साथ नैनीताल में मौसम विभाग का पूर्वानुमान सटीक साबित हुआ और मंगलवार रात्रि से शुरू हुई मूसलाधार वर्षा ने जनपद में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों में लगातार तेज वर्षा के कारण जनपद मुख्यालय में सन्नाटा पसरा है, बारिश के साथ कई बार घना कोहरा छा रहा है तथा दृश्यता कम होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। अपराह्न तक लगातार बारिश के लगातार जारी रहने तक पर्यटक होटल के कमरों से ही नगर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रातः 8 बजे तक 19 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जोकि शीतकाल के पिछले चार माह में किसी एक दिन हुई सर्वाधिक वर्षा बतायी जा रही है। उल्लेखनीय है कि एक जनवरी से अब तक कुल 136 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। भारी वर्षा के कारण नाले उफान पर आ गए हैं और बड़ी मात्रा में मलबा व कूड़ा झील में पहुंच रहा है।

झील का जल स्तर बढ़ा

वर्षा से नैनी झील का जलस्तर बढ़कर 80 फीट 4 इंच पहुंच गया है, जो पूर्व वर्षों की तुलना में 5 से 6 फीट अधिक है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में यह स्तर 74 फीट 8 इंच तथा 2017 में 73 फीट 11 इंच था। गौरतलब है कि वर्तमान में जलस्तर की गणना झील की तलहटी से की जाती है, जबकि पूर्व में झील की तल्लीताल में ऊपरी सतह से की जाती थी। विशेषज्ञों के अनुसार यदि वर्षा का क्रम जारी रहा तो ग्रीष्मकाल के मई-जून माहों में भी जलस्तर संतोषजनक रहेगा तथा वर्षा ऋतु में अधिकतम स्तर 89 फीट तक पहुंचने पर झील के गेट खोले जाने और झील के पानी बाहर निकलने से रिफ्रेश यानी तरोताजा होने की पूरी संभावना है।

तापमान में हुई गिरावट

तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वर्तमान में अधिकतम तापमान घटकर लगभग 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी