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महिलाएं कृषि की रीढ, विभागीय योजनाओं का मिले लाभः कुलपति

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महिलाएं कृषि की रीढ, विभागीय योजनाओं का मिले लाभः कुलपति


नई टिहरी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी की संयुक्त पहल पर अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के उपलक्ष्य में वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी परिसर में किसान मेला आयोजित किया गया। मेला में बड़ी संख्या में किसानों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने अपने उत्पादों का आउटलेट पर प्रदर्शित कर खुशहाल किसान का संदेश दिया।

वीरवार को रानरीचौरी में वीरचंद्र सिंह गढ़वाल औद्यानिकी एवं वानिकी विवि के कुलपति डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट, सीडीओ वरूणा अग्रवाल ने शुभारंभ किया। कुलपति डॉ. भट्ट ने रेखीय विभागों को पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं को कृषि में उन्नत तकनीकी का प्रशिक्षण देने की अपील की। सीडीओ वरुणा ने कहा कि पर्वतीय अंचलों में महिलाओ का कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान है। ब्लॉक प्रमुख सुमन सजवाण ने कहा कि महिलाएं कृषि की रीढ़ हैं। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए संयुक्त प्रयास की जरूरत है।

वहीं कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरुणिमा पालीवाल ने रबी सत्र की फसलों गेहूं, मसूर, मटर आदि की वैज्ञानिक विधि से खेती व फसलों के प्रबंधन के बारे में बताया। सीवीओ डॉ. डीके शर्मा ने विभागीय योजनाएं और पशु रोगों से रूबरू कराया। वैज्ञानिक डॉ. सचिन कुमार ने रबी की फसलो में लगने वाले कीट, रोग प्रबंधन के साथ ही प्राकृतिक खेती पर तकनीकी जानकारी दी।

इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज दानू ने कृषकों को मृदा परीक्षण के साथ नैनो उर्वरकों के महत्व बताए। सीएओ विजय देवराड़ी ने फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान, केसीसी, जंगली जानवरो से फसलो की सुरक्षा को घेरबाड़ी योजना की जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. कीर्ति कुमारी ने महिला कृषकों के कृषि क्षेत्र में उनके योगदान, खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से क्षमता विकास करते हुए सबल बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. शशि कमल, संयुक्त निदेशक प्रसार डॉ. अरूरांचलम, एलडीएम मनीष मिश्रा आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी