बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्यों की दी शानदार प्रस्तुतियां
पौड़ी गढ़वाल, 03 अगस्त (हि.स.),।गढ़ज्योति सांस्कृतिक कला मंच की ओर से प्रेक्षागृह में आयोजित लोकनृत्य कार्यशाला में उत्तराखंड की लोक संस्कृति जीवंत हो उठी। एक माह के प्रशिक्षण के बाद बच्चों ने थड़या, चौफला, चांचरी आदि पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता सुंदरलाल मुयाल ने कहा कि लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए गढ़ज्योति सांस्कृतिक कला मंच का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मंच के अध्यक्ष भरत सिंह रावत ने बताया कि संस्था पिछले 16 वर्षों से लगातार लोकनृत्य कार्यशाला का आयोजन कर रही है।
इस वर्ष रामलीला मैदान स्थित हॉल में एक माह तक चले प्रशिक्षण शिविर में 170 बच्चों को थड़या, चौफला, चांचरी सहित उत्तराखंड के विभिन्न पारंपरिक लोकनृत्यों का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में प्रतिभागी बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों पर प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
अभिभावकों और दर्शकों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मंच के इस प्रयास को लोक संस्कृति के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। इस मौके पर व्यापार सभा के अध्यक्ष विनय शर्मा, जिला पंचायत सदस्य डोभ श्रीकोट अनुज कुमार, गोपाल ममगांई आदि शामिल रहे। संचालन मनोज रावत अंजुल ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

