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पिथौरागढ़ में ‘न्याय श्रुति’ के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रिमोट पॉइंट का उद्घाटन

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पिथौरागढ़ में ‘न्याय श्रुति’ के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रिमोट पॉइंट का उद्घाटन


पिथौरागढ़, 31 अक्टूबर (हि.स.)। जनपद में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुगम, त्वरित एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। शनिवार को पुलिस कार्यालय स्थित जनपदीय अभियोजन निदेशालय, पिथौरागढ़ में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के प्रावधानों के अनुरूप ‘न्याय श्रुति’ के अंतर्गत स्थापित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रिमोट पॉइन्ट का विधिवत उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री यशवंत सिंह चौहान, जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई तथा पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय प्रहलाद कोंडे उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आयोजन जनपदीय अभियोजन निदेशालय, पिथौरागढ़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर सहायक निदेशक अभियोजन राकेश चंद्र, अभियोजन अधिकारी रितेश वर्मा तथा जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उद्घाटन के अवसर पर ‘न्याय श्रुति’ के अंतर्गत स्थापित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रिमोट पॉइन्ट की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इस सुविधा के माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा।

इससे गवाहों, आरोपितों व अन्य संबंधित व्यक्तियों की पेशी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराना अधिक सुगम होगा।

इस तकनीकी सुविधा से दूरस्थ क्षेत्रों से न्यायालय तक आने-जाने में लगने वाले समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही, अभियुक्तों की पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लगने वाले संसाधनों का भी अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की भावना के अनुरूप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे संबंधित पक्षों को अनावश्यक आवागमन से राहत मिलने के साथ ही न्यायिक कार्यों के निष्पादन में सुगमता आएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रिमोट पॉइन्ट का उद्घाटन पिथौरागढ़ जनपद में न्यायिक एवं अभियोजन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने तथा उपलब्ध प्रशासनिक एवं सुरक्षा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष दरियाल