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जोशीमठ सीवरेज एवं पेयजल परियोजना की समीक्षा, डीएम ने समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

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जोशीमठ सीवरेज एवं पेयजल परियोजना की समीक्षा, डीएम ने समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश


चमोली, 03 नवंबर (हि.स.)।जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को जोशीमठ सीवरेज एवं पेयजल परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 115 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित एवं संचालित परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति, भूमि चयन, विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमति एवं निर्माण कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजना के सभी कार्यों को मार्च 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक में अवगत कराया गया कि परियोजना के तहत जोशीमठ क्षेत्र में 3,858 सीवरेज कनेक्शन और 2,701 पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, इसके अतिरिक्त चार नए पेयजल टैंकों का निर्माण, पुराने पेयजल टैंकों की रेट्रोफिटिंग, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना तथा सीवरेज पाइपलाइन एवं हाउसहोल्ड सर्विस कनेक्शन से संबंधित कार्य किए जाएंगे। परियोजना के अंतर्गत सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जोशीमठ क्षेत्र श्री बद्रीनाथ धाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव होने के कारण निर्माण कार्यों के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यात्रा अवधि समाप्त होने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा उपलब्ध समय का बेहतर उपयोग करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। यात्रा मार्ग पर निर्माण कार्य करते समय सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें, ताकि श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिलाधिकारी ने 3 एमएलडी क्षमता के एसटीपी प्लांट की स्थापना के लिए भूमि चयन हेतु तहसीलदार जोशीमठ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, साथ ही सभी प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराकर तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त एवं सुरक्षित भूमि का चयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पेयजल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को परियोजना के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के दौरान वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए, इसके लिए निर्माण एजेंसियां एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र में सीवरेज एवं पेयजल से जुड़ी यह महत्वपूर्ण परियोजना स्थानीय नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम है। इसलिए सभी संबंधित विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना सुनिश्चित करें।

बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी सहित यूयूएसडीए, जल निगम, सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण