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गौसदनों के लिए 15 दिन में भूमि चयन पूरा करने के निर्देश

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गौसदनों के लिए 15 दिन में भूमि चयन पूरा करने के निर्देश


पौड़ी गढ़वाल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित डॉ. राजेंद्र अण्थवाल ने विकास भवन सभागार में गोवंश संरक्षण और गौसदनों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गौसदनों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया 15 दिन के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम्य गोसेवकों, गौसदनों को दिए जा रहे राजकीय अनुदान और भुगतान की स्थिति की भी जानकारी ली।

अध्यक्ष ने गोवंश संरक्षण अधिनियम, 2007 की धारा 7 व 8 के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने गोवंश के जन्म-मरण की रिकॉर्डकीपिंग, डेयरियों का पंजीकरण और नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निराश्रित गोवंश को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जिन निकायों में गोवंश लिफ्टिंग वैन उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल वाहन की व्यवस्था करने को कहा।

बैठक में गोहत्या, गोकशी और गो तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस की कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। अध्यक्ष ने थाना और चौकी प्रभारियों को गोवंश से जुड़ी अवैध गतिविधियों के मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए। विद्यालयी छात्रों के माध्यम से गोवंश संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 25 गौसदन संचालित हैं। इनमें 21 गैर सरकारी और चार सरकारी गौसदन हैं, जहां कुल 2653 निराश्रित गोवंश रखा गया है। 10 विकासखंडों में 32 ग्राम्य गोसेवक पंजीकृत हैं। पशुपालन विभाग अब तक 2,76,076 गोवंश की ईयर टैगिंग कर चुका है, जबकि 73.61 प्रतिशत गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है।

इस दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित, निर्माणाधीन और प्रस्तावित गौसदनों की स्थिति की समीक्षा की गई। नए गौसदनों के लिए भूमि चयन और लंबित प्रस्तावों को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, पुलिस उपाधीक्षक दिव्येश उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह