काठगोदाम के नाबालिग प्रकरण में अभियोजन आरोप साबित करने में रहा विफल
नैनीताल, 01 सितंबर (हि.स.)। नैनीताल जनपद काठगोदाम थाना क्षेत्र से जुड़े एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म, धमकी तथा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के तीन वर्ष पुराने आरोपों से संबंधित मामले में जनपद की विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो के हल्द्वानी न्यायालय ने आरोपित सैफ खान को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा।
मामला विशेष सत्र परीक्षण संख्या 60-2023 से संबंधित है। आरोपित सैफ खान पुत्र सरताज खान निवासी ठोकर लाइनपार, कॉलटैक्स थाना काठगोदाम, जिला नैनीताल के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376(2)(द), 506, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5/6 तथा उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3(1) व 5(1) के तहत अभियोग चलाया गया था। न्यायालय के आदेश के अनुसार घटना 8 जुलाई 2023 को हुई और मामले में 9 जुलाई को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई, तथा आरोपित को 10 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। बाद में 25 जून 2024 को उसे जमानत मिली। न्यायालय के अभिलेख में आरोपित के 11 जुलाई 2023 से 25 जून 2024 तक जेल में निरुद्ध रहने का उल्लेख है। आदेश में कहा गया है कि पीड़िता के बयानों में आरोपित द्वारा उसे धर्म परिवर्तन की धमकी दिए जाने अथवा जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने संबंधी तथ्य विश्वसनीय रूप से साबित नहीं हो सके।
न्यायालय ने यह भी माना कि उपलब्ध साक्ष्यों से आरोपित द्वारा पीड़िता को जबरन निकाह के लिए धर्म परिवर्तन कराने की बात प्रमाणित नहीं हुई। इसके परिणामस्वरूप आरोपित को इन आरोपों से दोषमुक्त किए जाने का आदेश पारित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

