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एसएमजेएन कॉलेज में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन

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एसएमजेएन कॉलेज में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन


हरिद्वार, 29 सितंबर (हि.स.)। एसएमजेएन पीजी कॉलेज में मंगलवार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय जुड़ा। कॉलेज परिसर में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। साथ ही विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशाल पुस्तक मेले का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं।

मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया इस अवसर पर निदेशक क्षेत्रीय सेवाएं डॉ. गिरिजा पांडे, सहायक निदेशक डॉ. एमएम जोशी, सहायक क्षेत्रीय निदेशक बृजेश बनकोटी भी उपस्थित रहे।

प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने स्वागत संबोधन में कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से विद्यार्थियों को प्रवेश, परीक्षा, अध्ययन सामग्री, परामर्श जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलेंगी। यह उन छात्रों के लिए विशेष उपयोगी होगा जो नियमित कक्षाओं में नहीं आ पाते। इससे हरिद्वार व आसपास के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और कौशल संवर्धन व तकनीकी विकास के नए द्वार खुलेंगे।

कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। हरिद्वार में कार्यालय खुलने से शैक्षणिक व प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। उन्होंने एसएमजेएन कॉलेज के सहयोग की सराहना की और कहा कि दोनों संस्थानों के बीच समन्वय और मजबूत होगा।

श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। संत परंपरा हमेशा ज्ञान और संस्कार के प्रसार की पक्षधर रही है। उन्होंने युवाओं से पुस्तकों को मित्र बनाने और शिक्षा के साथ संस्कार को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। निःशुल्क पुस्तक वितरण की पहल को उन्होंने भविष्य की पीढ़ी को मजबूत बनाने वाला निवेश बताया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पुस्तक मेला रहा, जहां विभिन्न विषयों की पुस्तकों का संग्रह प्रदर्शित किया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने पुस्तकों का चयन किया। छात्रों ने कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कायम है।

अंत में अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. शिवकुमार चौहान ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. विनय थपलियाल, डॉ. मनोज सोही, वैभव बत्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला