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उप जिलाधिकारी जितेंद्र ने किया उत्तरजीवि प्रमाण पत्र निरस्त

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हरिद्वार, 20 मार्च (हि.स.)। उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने अवगत कराया कि श्रीमती बोहती देवी पत्नी स्व. हरि सिंह, निवासी निकट रविदास मंदिर, जगजीतपुर, कनखल, हरिद्वार द्वारा 18 मार्च 2025 को एक शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें फर्जी उत्तरजीवि (वारिसान) प्रमाण पत्र संख्या यूके 24 ई 070002872 की जांच कर उसे निरस्त करने का अनुरोध किया गया था।

प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार हरिद्वार को नियमानुसार जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। तहसीलदार द्वारा 21 अगस्त 2025 को प्रस्तुत रिपोर्ट में सामने आया कि स्व. रंजीव सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी सुमन ने उत्तरजीवि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। प्रारंभिक जांच के आधार पर 4 मई 2024 को जारी प्रमाण पत्र में बोहती देवी का नाम वारिस के रूप में दर्ज किया गया था।

इसके बाद दोबारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर जारी नए प्रमाण पत्र (संख्या यूके 24 ई 070002872, 14 नवंबर 2024) में बोहती देवी का नाम हटा दिया गया, जो जांच में गलत और भ्रामक पाया गया। तहसीलदार की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि यह प्रमाण पत्र त्रुटिपूर्ण तरीके से जारी हुआ है।

तहसीलदार हरिद्वार की आख्या के आधार पर उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने उक्त उत्तरजीवि प्रमाण पत्र संख्या यूके 24 ई 070002872 (14 नवंबर 2024) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रमाण पत्र के लिए गलत या भ्रामक जानकारी देना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला