आपदा प्रबंधन को लेकर डीएम अलर्ट, अवरुद्ध मार्ग जल्द खोलने के निर्देश
गोपेश्वर, 05 अगस्त (हि.स.)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान सभी विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
डीएम ने बुधवार को जिला आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों, संचार व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह सतर्क रहें और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, संचार प्रणाली, सूचना संकलन एवं प्रसारण व्यवस्था, आपदा संबंधी अभिलेखों तथा उपकरणों का भी जायजा लिया।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए तथा भूस्खलन, अतिवृष्टि, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के नोडल अधिकारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने वर्षा और भूस्खलन के कारण बंद मोटर मार्गों की भी समीक्षा की। संबंधित विभागों को सभी अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द खोलने को कहा ताकि आमजन को परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही मशीनरी और कार्मिकों को तत्काल मौके पर भेजी जाए तथा न्यूनतम समय में यातायात बहाल किया जाए। मार्ग खोलने की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग कर अद्यतन जानकारी जिला आपदा परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि जिला आपदा परिचालन केंद्र से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है तथा प्राप्त प्रत्येक सूचना पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

