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श्रीराम राज्याभिषेक और महाआरती के साथ 38वें मानस सम्मेलन का समापन

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श्रीराम राज्याभिषेक और महाआरती के साथ 38वें मानस सम्मेलन का समापन


फर्रुखाबाद, 05 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में श्री पाण्डेश्वर नाथ मंदिर (पण्डा बाग) सत्संग भवन में मानस विचार समिति की ओर से आयोजित 38वें मानस सम्मेलन का सोमवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक और महाआरती के साथ समापन हुआ। इस दौरान पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा।

मानस विदुषी लीला भारती (दतिया, मध्य प्रदेश) ने श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि 14 वर्ष का वनवास पूरा कर भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर नगर दुल्हन की तरह सज गया। उन्होंने ‘प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा’ चौपाई के माध्यम से राज्याभिषेक की महत्ता बताई। कार्यक्रम में डॉ. रामबाबू पाठक ने वशिष्ठ मुनि की भूमिका निभाते हुए भगवान श्रीराम का प्रथम तिलक किया।

श्रीराम के अयोध्या आगमन का प्रसंग सुनाए जाने के दौरान श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। ‘राम जी की निकली सवारी, राम जी की लीला है न्यारी’ भजन पर श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भगवान श्रीराम की आरती की और पुष्पवर्षा की।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक प्रज्ञा भारती गिरी ‘पंछी देवी’ (हरिद्वार) ने कहा कि श्रीराम का राज्याभिषेक केवल अयोध्या के राजा का अभिषेक नहीं, बल्कि धर्म, न्याय, करुणा और मर्यादा का अभिषेक है। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

पं. पीलाराम (दुर्ग, छत्तीसगढ़) ने ‘शास्त्र सुचिन्तित पुनि पुनि देखिअ’ चौपाई की व्याख्या करते हुए शास्त्र के अर्थ और शासन-अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। पं. प्रह्लाद मिश्र (गोंडा) ने ‘प्रतीक्षा-परीक्षा मानस’ विषय के तहत माता शबरी के प्रसंग से त्याग और समर्पण का वर्णन किया। वहीं लीला भारती ने भरत चरित्र को त्याग और प्रेम की पराकाष्ठा बताया।

युवाओं में मानस के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए आयोजित चौपाई प्रतियोगिता में अलभ्या पाठक, स्वास्ति अग्निहोत्री, प्रशस्ति, सोनिया शुक्ला, शीतल तिवारी और अंतस सक्सेना को मानस ग्रंथ की प्रति देकर सम्मानित किया गया।

समापन अवसर पर मानस विद्वानों, अतिथियों और समिति के सदस्यों को अंगवस्त्र, श्रीराम दरबार का चित्र और पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद महाआरती के साथ सम्मेलन का विधिवत समापन हुआ।

इस अवसर पर ज्योतिस्वरूप अग्निहोत्री, अशोक रस्तोगी, सुरजीत पाठक ‘बंटू भैया’, विशेष पाठक, अखिलेश शुक्ला, अपूर्व, अद्भुत, वरुण, हर्षित, अभिषेक, विकास और विजय अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर