रामचरितमानस के माध्यम से तुलसीदास ने देश-दुनिया को कराया रामराज्य का दर्शन : जगदगुरू रामस्वरूपाचार्य
-भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में धूमधाम से मनाई गई संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती
-कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज के सानिध्य में हुआ आयोजन
- श्री कामदगिरि पीठम ट्रस्ट ने परिक्रमा मार्ग ने निकाली भव्य शोभायात्रा
चित्रकूट, 19 अगस्त (हि.स.)। श्री कामदगिरि पीठम ट्रस्ट द्वारा संचालित कामदगिरि प्रदक्षिणा प्रमुख द्वार पर बुधवार को भक्ति कवि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। पूरा कामदगिरि परिक्रमा मार्ग जय सियाराम और रामचरितमानस के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ शोभायात्रा से हुआ। हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे और झांकियों के साथ निकली यह भव्य शोभायात्रा प्रमुख द्वार से होते हुए पूरे परिक्रमा मार्ग में निकली। रास्ते भर भक्तों ने पुष्पवर्षा कर संत शिरोमणि तुलसीदास जी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर ’कामदगिरि प्रमुख द्वार के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने आरती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के माध्यम से रामराज्य की परिकल्पना को जन-जन तक पहुंचाया। उनका साहित्य आज भी समाज को मर्यादा और भक्ति का मार्ग दिखाता है।
इस पावन अवसर पर कामदगिरि प्रमुख द्वार के संत डॉ. मदनगोपालदास जी महाराज, भगवान दास श्रृंगारी जी महाराज, नागा नरसिंह दास, रामविष्णु दास जी महाराज, आचार्य षषि भूषण जी महाराज,बाबी महाराज, सर्वेश महाराज सहित चित्रकूट के अनेक प्रमुख संत-महंत उपस्थित रहे। सभी संतों ने तुलसीदास जी के जीवन और रचनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका रामचरितमानस विश्व साहित्य की अमूल्य धरोहर है। डॉ मदनगोपाल दास जी महाराज जी ने कहा कि यह परम्परा साकेतवासी सिंहस्थ भूषण प्रेमपुजारी दास जी महाराज जी द्वारा चलाई गई गई थी जो आज भी उसी उत्साह के साथ मनाई जा रही है।
शोभायात्रा के पश्चात प्रमुख द्वार पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा और भजन संध्या का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के अंत में पीठाधीश्वर जगदगुरू स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया और समाज में रामचरितमानस के प्रचार-प्रसार का संकल्प दिलाया। ट्रस्ट के सचिव ने बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष इसी धूमधाम से मनाया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल

