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राज्यपाल ने सीएसए की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि नवाचार पर दिया जोर

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राज्यपाल ने सीएसए की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि नवाचार पर दिया जोर


कानपुर, 13 मई (हि.स.)। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कृषि नवाचार, किसानों की आय बढ़ाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को राजभवन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कृषि उत्पादन बढ़ाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और शोध कार्यों को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि समीक्षा बैठक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राजभवन में आयोजित हुई, जिसमें विश्वविद्यालय की प्रगति और विभिन्न योजनाओं का प्रस्तुती करण किया गया। बैठक में शैक्षणिक गतिविधियों, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे नवाचारों, बजट के प्रभावी उपयोग और किसानों तक तकनीक पहुंचाने के लिए बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीज उत्पादन और उसके किसानों तक वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्थानीय स्तर पर तैयार कृषि उत्पादों और तकनीकों को किसानों तक सुलभ बनाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के कार्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। किसानों की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में केंद्र सरकार की धन-धान्य योजना और दलहन-तिलहन योजना पर चर्चा हुई। छोटे कृषि यंत्रों के निर्माण और उनके उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए लघु तकनीकों के विकास पर भी जोर दिया गया।

राज्यपाल ने जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों को इससे जोड़ने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन छात्रों के पास कृषि भूमि है, वे नवाचार आधारित मॉडल विकसित करें। साथ ही विश्वविद्यालयों में हो रहे नवाचारों की प्रभावी ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया, ताकि तकनीक सीधे किसानों तक पहुंच सके।

बैठक में कृषि यंत्र बनाने वाली कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाने, पाठ्यक्रमों में नामांकन बढ़ाने तथा शोध कार्यों को व्यवहारिक स्तर पर लागू करने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने ऊर्जा बचत, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, कम ईंधन उपयोग और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने की अपील भी की।

विश्वविद्यालय अधिकारियों ने प्रदेश में कृषि अनुसंधान, बीज विकास और किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप