यातायात नियम बोझ नहीं, जीवन की सुरक्षा का कवच : अमित कुमार श्रीवास्तव
गोरखपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में गाेरखपुर जिले के गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिंग में मंगलवार को यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक यातायात अमित कुमार श्रीवास्तव ने छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया।
पुलिस अधीक्षक यातायात ने कहा कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए बनाए गए हैं। सड़क पर बरती गई कुछ क्षणों की असावधानी स्वयं के साथ पूरे परिवार के लिए आजीवन पीड़ा का कारण बन सकती है। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा नशे की अवस्था में वाहन न चलाने की अपील की।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। “सड़क पर अनुशासन ही सुरक्षित घर वापसी की सबसे बड़ी गारंटी है।” उन्होंने कहा कि युवा यदि सड़क सुरक्षा को अपनी आदत और संस्कार का हिस्सा बना लें तो बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में यातायात उपनिरीक्षक मनोज कुमार राय ने यातायात संकेतों, सड़क पार करने के सुरक्षित तरीकों और दुर्घटना की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। यातायात मित्र संजय श्रीवास्तव ने भी छात्राओं को जन-जागरूकता में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक आशुतोष मिश्र ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा, “सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन के प्रति हमारी सामूहिक जवाबदेही है। एक विद्यार्थी यातायात नियमों के प्रति जागरूक होता है तो उसके माध्यम से पूरा परिवार जागरूक होता है।”
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ला ने कहा कि यातायात अनुशासन को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। उप प्राचार्य डॉ. प्रियंका त्रिपाठी ने छात्राओं से कार्यक्रम में मिली जानकारी को समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। नर्सिंग विभाग के प्रधानाचार्य प्रकाश सिंह चौधरी ने कहा कि नर्सिंग विद्यार्थी स्वास्थ्य और जीवन रक्षा से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी जागरूकता का सामाजिक महत्व और भी अधिक है।
इस अवसर पर डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. रेनू गौर, डॉ. प्रत्या उपाध्याय, डॉ. कुमुद त्रिपाठी, डॉ. संगीता पांडेय, डॉ. युगेश यादव, डॉ. गरिमा सिंह, पूनम साहनी एवं अलका चौधरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और अपने आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

