home page

बाराबंकी : बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे एडीएम, ग्रामीणों से जाना हाल

 | 
बाराबंकी : बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे एडीएम, ग्रामीणों से जाना हाल


बाढ़ प्रभावित परिवारों को 14 अगस्त को बांटी जाएंगी राहत किट, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश

बाराबंकी, 13 अगस्त (हि.स.)। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाराबंकी जिले में प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) निरंकार सिंह ने गुरुवार को तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के खजुरी स्थित बाढ़ चौकी और आसपास की राहत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित गुनौली, जलालपुर तराई, ढेमा, कोयलावर और टिकरी गांवों के ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

एडीएम ने बाढ़ चौकी के पास एकत्र ग्रामीणों से बातचीत कर पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, आवागमन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जाए। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रखी जाए।

14 अगस्त को वितरित होंगी राहत किट

एडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को 14 अगस्त शुक्रवार को बाढ़/राशन किट का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को समय से आवश्यक राहत और सहायता उपलब्ध कराना है। किसी भी परिवार को मदद के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए संबंधित अधिकारी मौके पर सक्रिय रहकर जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करें।

उन्होंने बाढ़ चौकी पर उपलब्ध नावों, पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखें। जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर बिना देरी किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए।

ग्रामीणों की सुरक्षा पर प्रशासन की नजर

बाढ़ संभावित गांव गुनौली, जलालपुर तराई, ढेमा, कोयलावर और टिकरी समेत अन्य में प्रशासन पहले से ही निगरानी कर रहा है। सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उन्हें भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस दौरान उप जिलाधिकारी रामसनेहीघाट बृजेन्द्र उपाध्याय समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी