गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा लेकर मऊरानीपुर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठाई मांग,कहा- गाय केवल कागजों में सुरक्षित
झांसी, 29 मई (हि.स.)। ज्योति पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी अभिमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती अपनी ‘गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा’ के 26वें दिन मऊरानीपुर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान आयोजित धर्मसभा में उन्होंने गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में गाय केवल कागजों पर सुरक्षित दिखाई देती है, जबकि जमीनी स्तर पर गौशालाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है और गौवंश परेशानियों से जूझ रहा है।
शंकराचार्य ने कहा कि जब तक गाय को “राष्ट्रमाता” का दर्जा नहीं दिया जाएगा, तब तक उसका वास्तविक संरक्षण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में गौमाता के नाम पर राजनीति तो बहुत होती है, लेकिन उनके संरक्षण के लिए ठोस कार्य कम दिखाई देते हैं। उन्होंने नेताओं की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को पेट्रोल-डीजल बचाने की सलाह दी जाती है, जबकि सत्ता में बैठे लोग लगातार विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षक का मूल कार्य बच्चों को शिक्षा देना है, लेकिन उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे देश की शिक्षा प्रणाली कमजोर हो रही है। गुरुकुलों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के तीन प्रमुख आधार वेद, गौ और ब्राह्मण हैं। पहले गुरुकुलों में वेदों की शिक्षा दी जाती थी, लेकिन अब गुरुकुल समाप्त होते जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से दूर होती जा रही है।
धर्मसभा में संतों ने गाय के धार्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घर की पहली रोटी हमेशा गाय के लिए निकालनी चाहिए। संतों ने गौमूत्र और गौसेवा के महत्व को बताते हुए कहा कि गाय केवल दूध ही नहीं देती, बल्कि अपने आशीर्वाद से परिवार और समाज को समृद्ध बनाती है। भावुक होते हुए शंकराचार्य ने कहा, “हम गाय को नहीं पालते, बल्कि गाय हमें पालती है।”
सभा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। संतों ने लोगों से संकल्प दिलाया कि वे उसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी को वोट देंगे, जो गौमाता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होगा। इस दौरान मऊरानीपुर में एक भव्य “गौ धाम” बनाने की घोषणा भी की गई, जिसके निर्माण में नगरवासी सहयोग करेंगे। कार्यक्रम में सोमेश्वरानंद महाराज, बाबा रामदास ब्रह्मचारी सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

