गोरखपुर : आस्था, मनोरंजन और रोजगार का संगम बना खिचड़ी मेला
गोरखपुर, 19 जनवरी (हि.स.)। नाथपंथ के विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में आयोजित खिचड़ी मेला आस्था, मनोरंजन और रोजगार का संगम बना हुआ है। यहां महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन कर खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालु मेले में मनोरंजन कर जरूरी सामानों की जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं। मेले में उमड़ रही श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ से यहां दुकान लगाने वालों का रोजगार-कारोबार उनकी आर्थिकी में जोरदार वृद्धि कर रहा है।
महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा मेला
मकर संक्रांति के दस दिन पूर्व से ही जारी खिचड़ी मेला महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा। मकर संक्रांति के मुख्य पर्व पर ही करीब 25 लाख श्रद्धालुओं का आगमन हो गया था। इसके एक दिन पहले तथा मुख्य पर्व के बाद भी श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर बना हुआ है और समूचा मेला परिसर भरा नजर आ रहा है। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यहां श्रद्धालुओं से लेकर कारोबारियों तक के लिए सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
कारोबार के लिए मिल रही शानदार व्यवस्था
गोरखनाथ मंदिर में लगने वाला पारंपरिक खिचड़ी मेला सामाजिक समरसता से आबद्ध रोजगार-कारोबार का बड़ा मंच भी बनता है। यहां जाति-धर्म से परे लोगों का आगमन होता है तो साथ ही परिसर में हर जाति, धर्म के कारोबारियों को बिना भेदभाव स्थान मिलता है। आस्था को सम्मान मिलने से रोजगार का फलक भी बढ़ रहा है। श्रद्धालु प्रसाद, फूलमाला, मनोरंजन, नाश्ता और जरूरी सामानों की खरीदारी पर खर्च कर रहे हैं तो इससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है। मेला में दुकान लगाने वाले कारोबारियों का कहना है कि उन्हें कारोबार के लिए शानदार व्यवस्था मिली है। भीड़ इतनी हो रही है कि छह महीने का कारोबार सिर्फ डेढ़ माह में होने की उम्मीद है।
मेले में सजी हैं 500 से अधिक दुकानें
खिचड़ी मेले में पांच सौ से अधिक दुकानें सजी हैं। दुकान लगाने वाले 70 प्रतिशत कारोबारी प्रदेश के अन्य जिलों या अन्य राज्यों से हैं। यहां राजस्थान, दिल्ली कोलकाता के अलावा प्रदेश के मुरादाबाद, सीतापुर, सहारनपुर, इटावा, बुलंदशहर आदि जिलों से बड़ी संख्या में कारोबारियों ने दुकानें लगाई हैं। आस्था का जन ज्वार देखकर सभी बेहद प्रफुल्लित हैं। सीतापुर के इब्राहिम ने मेले में लेडीज बैग-पर्स की दुकान लगाई है। उनका कहना है भीड़ खूब आने से दुकानदारी बहुत अच्छी हो रही है। उधर गोपालगंज से आए श्रद्धालु जगदीश दूबे ने मेला भ्रमण के दौरान कहा कि योगी सरकार ने आस्था को अर्थव्यवस्था से जोड़कर रोजगार का नया मॉडल दिया है। इसमें सबको मौका मिल रहा है। मसलन, गोरखनाथ मंदिर परिसर में करीब डेढ़ माह तक लगने वाला खिचड़ी मेला जाति-धर्म के बंटवारे से इतर बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का माध्यम बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

