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यूथ अगेंस्ट माफिया संगठन का अखिलेश यादव पर सीधा हमला,फियर कैलेंडर’ से खोला 2017 से पहले का ‘डर का सच

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यूथ अगेंस्ट माफिया संगठन का अखिलेश यादव पर सीधा हमला,फियर कैलेंडर’ से खोला 2017 से पहले का ‘डर का सच


यूथ अगेंस्ट माफिया संगठन का अखिलेश यादव पर सीधा हमला,फियर कैलेंडर’ से खोला 2017 से पहले का ‘डर का सच


लखनऊ, 21 अप्रैल (हि.स.)। माफिया संस्कृति के विरुद्ध सामाजिक चेतना का निर्माण और युवाओं को संगठित कर एक मजबूत जनदबाव खड़ा करना यूथ अगेंस्ट माफिया संगठन का मूल उद्देश्य है। इसी क्रम में संगठन ने मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर न केवल अपनी वैचारिक भूमिका स्पष्ट की, बल्कि आगामी अभियानों की रूपरेखा भी सामने रखी।

संगठन ने बताया कि प्रदेश के 35 जनपदों में उसका विस्तार हो चुका है और अब ‘विक्टिम आउटरीच प्रोग्राम’ की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत पदाधिकारी विभिन्न जिलों में जाकर माफिया पीड़ित परिवारों से संवाद करेंगे, उनकी पीड़ा को समझेंगे और उसे सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाएंगे।

इस दौरान संगठन ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा और तीखा हमला बोला। आरोप लगाया कि उनका कुख्यात गैंगस्टर हाजी रजा के साथ सार्वजनिक रूप से दिखना अत्यंत गंभीर प्रश्न खड़े करता है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हत्या, लूट और संगठित अपराध से जुड़े आरोपों में घिरे व्यक्ति के साथ इस प्रकार की निकटता राजनीतिक संदेश देती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

संगठन ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में प्रदेश में माफिया संस्कृति को संरक्षण मिला, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा और आम नागरिक भय के वातावरण में जीने को विवश हुआ। इसी संदर्भ में संगठन ने ‘फियर कैलेंडर’ जारी किया, जिसमें वर्ष 2017 से पहले की प्रमुख आपराधिक घटनाओं का क्रमबद्ध उल्लेख किया गया है। संगठन का दावा है कि यह कैलेंडर उस दौर की सजीव तस्वीर प्रस्तुत करता है, जब कानून का भय समाप्त हो गया था और अपराधियों का दबदबा चरम पर था।

इसके साथ ही संगठन ने उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वे रिपोर्ट भी जारी की। रिपोर्ट में यह रेखांकित किया गया है कि असुरक्षा और अराजकता का वातावरण किसी भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को किस प्रकार प्रभावित करता है। संगठन के अनुसार, जब कानून-व्यवस्था कमजोर होती है तो निवेश ठहर जाता है और विकास की गति बाधित होती है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने कहा कि “अखिलेश यादव को प्रदेश की जनता के समक्ष यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन परिस्थितियों में ऐसे आपराधिक छवि वाले व्यक्ति के साथ दिखाई दे रहे हैं। यह केवल व्यक्तिगत संबंध का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन की जवाबदेही का प्रश्न है।”

उपाध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि “‘फियर कैलेंडर’ हमारे लिए मात्र एक प्रकाशन नहीं, बल्कि उस दौर की ऐतिहासिक स्मृति है, जिसे प्रदेश ने भुगता है। हमारा उद्देश्य है कि समाज उस अनुभव को भूले नहीं और भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनने दे।”

उपाध्यक्ष अर्पित जगदीश ने कहा कि हम युवाओं और छात्रों के बीच जाकर संवाद कर रहे हैं। आज की पीढ़ी यह जानना चाहती है कि क्या उत्तर प्रदेश फिर उसी अराजक दौर की ओर लौटेगा। यह सवाल केवल राजनीति का नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा का है।

महामंत्री अनुभव तिवारी ने कहा कि आर्थिक सर्वे रिपोर्ट स्पष्ट संकेत देती है कि अपराध और माफिया तंत्र किसी भी राज्य की प्रगति के लिए सबसे बड़ा अवरोध होते हैं। यदि निवेश और विकास को गति देनी है, तो कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी ही होगी।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि हाजी रजा को माफिया अतीक अहमद का राइट हैंड माना जाता है। ऐसे में उसके साथ सार्वजनिक रूप से दिखना राजनीतिक और नैतिक दोनों स्तरों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में “माफिया की जगह जेल है, बेल नहीं” का सिद्धांत ही लागू होना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा