मठिया में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ पूजन, हवन और दीपदान, सुख-समृद्धि की कामना
गोरखपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। ग्रामसभा मठिया स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 108 श्री रुद्र महायज्ञ के अंतर्गत शुक्रवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दैनिक पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद शाम चार बजे से वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार हवन एवं दीपदान का आयोजन किया गया। यज्ञाचार्यों और विद्वान ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। इस दौरान यजमानों ने श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन कर क्षेत्र, गांव और समाज की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
यज्ञाचार्य पं. हरिश्चंद्र उपाध्याय ने यज्ञ एवं पूजन के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूजा-पाठ और यज्ञ हमारी सनातन परंपरा तथा वैदिक संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। इनका उद्देश्य अपने धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाना, देवी-देवताओं की आराधना करना तथा समाज में धार्मिक चेतना और सकारात्मक भाव का संचार करना है। हमारे ऋषि-मुनि और साधु-संत भी किसी शुभ कार्य को प्रारंभ करने से पहले विधि-विधान से देवी-देवताओं का पूजन करते थे, ताकि कार्य निर्विघ्न संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रत्येक परिवार में विवाह, मांगलिक कार्य अथवा किसी शुभ अवसर पर देवी-देवताओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है, उसी प्रकार पूरे गांव और समाज के कल्याण के लिए सामूहिक रूप से यज्ञ का आयोजन किया जाता है। इसमें वैदिक विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार किया जाता है और यजमान श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन करते हैं। इसके बाद हवन के माध्यम से वैदिक परंपरा के अनुसार आहुतियां अर्पित की जाती हैं।
पं. उपाध्याय ने बताया कि भारतीय संस्कृति में कृषि और प्रकृति के संरक्षण का भी विशेष महत्व है। किसान जब फसल की बुआई करता है तो अच्छी पैदावार, फसल की सुरक्षा और परिवार की खुशहाली के लिए देवी-देवताओं से प्रार्थना करता है। इसी लोकआस्था और परंपरा के अनुरूप यज्ञ के माध्यम से गांव, समाज और समस्त क्षेत्र के कल्याण, अन्न-धन की समृद्धि तथा प्रकृति की अनुकूलता की कामना की जाती है।
शुक्रवार को आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में यज्ञाचार्य पं. हरिश्चंद्र उपाध्याय के साथ शिवम मिश्रा, आशुतोष त्रिपाठी, गया उपाध्याय एवं शिवम उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन कार्य में सहभागिता की। हवन एवं दीपदान के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भाग लिया। पूरा यज्ञ परिसर वैदिक मंत्रों और धार्मिक जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

